Dehradun: सेलाकुई में उपद्रव के बाद 300 लोगों पर मुकदमा, हिंदू-मुस्लिम संगठनों ने लगाए ये आरोप
देहरादून के सेलाकुई में मवेशियों की हड्डी से भरे वाहन में आग लगने के बाद पुलिस ने 300 लोगों पर केस दर्ज किया है। हिंदू संगठनों और दूसरे पक्ष ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया तो दूसरे पक्ष ने लूटपाट और आगजनी का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। सेलाकुई में मवेशियों की हड्डी से भरे लोडर वाहन में आग लगाने तथा हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत करीब 300 उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत अन्य उपद्रवियों पर दर्ज केस में बलवा की धारा लगाई है। इस संबंध में हिंदू संगठनों और दूसरे पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ सेलाकुई थाने में थी तहरीर दी थी। हिंदू संगठनों का आरोप है कि वाहन चालक ने सुबूत मिटाने को अपने वाहन में खुद ही आग लगाई।
सेलाकुई में खाटू श्याम मंदिर के पास गुरुवार रात मवेशियों की हड्डी से भरे वाहन में आग लगा दी गई थी। हिंदू संगठन से जुड़े युवक ने अपनी तहरीर में दूसरे पक्ष पर क्षेत्र में साजिश के तहत सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।
जबकि दूसरे पक्ष ने जान से मारने की धमकी देने, राजमार्ग जाम करने, लूटपाट व आगजनी कर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है।
थानाध्यक्ष पीडी भट्ट के अनुसार दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है। इस बीच शुक्रवार को एसपी देहात रेनू लोहानी व सीओ रीना राठौर सेलाकुई थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष से घटना के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई।
सेलाकुई थाने में अमन राणा पुत्र सतपाल राणा निवासी सेलाकुई ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि गुरुवार रात वह अपने मित्र के साथ खाटू श्याम मंदिर से पूजा कर बाहर निकल रहा था। तभी उसने देखा कि एक लोडर वाहन देहरादून शहर की ओर जा रहा था।
वाहन से दुर्गंध उठ रही थी। रोकने के लिए हाथ दिया तो चालक ने वाहन उसके ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया। उसके मित्रों ने किसी प्रकार वाहन को रुकवाया। वाहन में गोवंश के अवशेष दिखे। वाहन रुकवाने पर चालक अमीर निवासी शेखपुरा कदीम थाना कोतवाली सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) व उसके साथी गालियां देने लगे।
विरोध करने पर चालक व उसके साथियों ने उसके ऊपर गौ वंश के अवशेष फेंकने शुरू कर दिए। इस पर दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को थाने में ले जाने के लिए बोला तो चालक व उसके साथी आनाकानी करने लगे। पुलिस ने जब सख्ती की तो चालक व उसके साथियों ने साक्ष्य मिटाने की मंशा से खुद ही वाहन में आग लगा दी।
इससे वहां अफरातफरी मच गई। मौका पाकर वाहन चालक अपने साथियों के साथ फरार हो गए। कुछ देर बाद वाहन चालक अपने अन्य साथियों को लेकर वहां दोबारा पहुंचा। उसके साथ आए लोगों की संख्या करीब 150-200 थी।
इसमें शामिल पूर्व जिला पंचायत सदस्य राशिद पहलवान, जावेद पहलवान, सोनू पहलवान, साहिल, वकील निवासीगण रामपुर, समीर अहमद, तनवीर अहमद, अमजद इलाही, तालिब आदि ने एकत्र होकर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने बिगाड़ने का प्रयास किया।
दूसरे पक्ष ने लगाए यह आरोप
वहीं दूसरे पक्ष के हसीन पुत्र शकूर अहमद निवासी रामपुरकलां ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह सभावाला स्थित गोदाम से हड्डियों की खेप पिकअप वाहन में लादकर चालक के साथ छुटमलपुर स्थित फैक्ट्री की तरफ जा रहा था।
सेलाकुई स्थित खाटू श्याम मंदिर के समीप पूर्व सुनियोजित तरीके से एकत्र धार्मिक संगठनों के लगभग 200 से 300 लोगों ने लाठी डंडों व हथियारों से लैस होकर वाहन को जबरदस्ती रोक लिया। जब वह हंगामा करने वालों की विडियो बनाने लगा तो उन्होंने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। उसके साथी नदीम, अब्दुल और आमीर के साथ लूटपाट की गई।
साथ ही पिकअप वाहन में आग लगा दी गई। भीड़ में रमेश ढौंढियाल, शेखर बंसल, तुषार, सुनील राठोर, अनुज बंसल के साथ लगभग 200 से 300 अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। तहरीर में उसने कहा कि मृत मवेशियों की हड्डियों के लिए जिला पंचायत देहरादून कार्यालय से अनुमति ली गई थी।
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