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    पूर्व अभिनेत्री दीप्ति भटनागर ने ऋषिकेश में की गंगा आरती, स्वामी चिदानंद सरस्वती से लिया आशीर्वाद

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 11:07 PM (IST)

    पूर्व अभिनेत्री दीप्ति भटनागर ने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में भाग लिया। उन्होंने स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया। ...और पढ़ें

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    परमार्थ निकेतन में पूर्व अभिनेत्री और माडल दीप्ति भटनागर को तुलसी का पौधा भेंट करतीं साध्वी भगवती, साथ में स्वामी चिदानंद सरस्वती। आश्रम 

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    जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में पूर्व अभिनेत्री और माडल दीप्ति भटनागर गंगा आरती में शामिल हुई। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया।

    मुलाकात के दौरान चर्चा में गंगा की महत्ता, पर्यावरण संरक्षण का संदेश और आध्यात्मिक मूल्यों को साझा किया।

    दीप्ति ने इस मुलाकात को बेहद प्रेरक और दार्शनिक अनुभव वाला बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी चिदानंद सरस्वती के शब्दों ने उनके जीवन को सशक्त दृष्टिकोण और मानसिक स्थिरता देने का कार्य किया।

    उन्होंने कहा कि दिव्य गंगा आरती का दृश्य उन्हें जीवन में आत्मिक जागरूकता और जीवन की पवित्रता का स्मरण कराता है। आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ में अक्सर लोग अपने अंदर की शांति और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भूल जाते हैं।

    वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत सहित विश्व के लिए यह समय आध्यात्मिक जागरूकता और मानवता के संदेश को पुनः स्मरण करने का है।

    जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और करुणा के आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर है। भगवान महावीर का जीवन और उनके शिक्षण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितना उनके समय में थे।

    उनका संदेश सरल, लेकिन गहन है, सत्य बोलो, अहिंसा अपनाओ और सभी जीवों के प्रति करुणा रखो।

    ये सिद्धांत न केवल व्यक्तिगत जीवन को शांति और संतुलन देते हैं, बल्कि समाज में सामंजस्य, सहिष्णुता और मानव कल्याण को भी सुनिश्चित करते हैं।

    आधुनिक जीवन की आपाधापी, तनाव और प्रतिस्पर्धा में, इन आदर्शों का अनुसरण करके हम आत्मिक शांति और मानसिक स्थिरता प्राप्त कर सकते हैं।

    अहिंसा, उनका मुख्य संदेश है जो केवल शारीरिक हिंसा से परहेज नहीं है, बल्कि वाणी और विचारों में भी शांति और प्रेम बनाए रखने की कला है।

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