उत्तराखंड की जेलों में मोबाइल पर प्रतिबंध, जांच एजेंसियों से मिला था बड़ा इनपुट
प्रदेश की जेलों में बंद कुख्यात बदमाशों द्वारा जेल के अंदर से रंगदारी मांगने की घटनाओं को देखते हुए एडीजी जेल अभिनव कुमार ने जेलकर्मियों के मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। पहले भी जेलों से मोबाइल बरामद हुए हैं जिससे जेलकर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। जेलों में जैमर लगाने के बावजूद मोबाइल का इस्तेमाल जारी है।

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। प्रदेश की जेलों में बंद कुख्यात बदमाशों की ओर से जेल के अंदर बैठकर रंगदारी व फिरौती की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (जेल) अभिनव कुमार ने जेलकर्मियों के जेल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
पूर्व में जेलों के औचक निरीक्षण में एसटीएफ व अन्य जांच एजेंसियों को जेलों के अंदर से मोबाइल बरामद हो चुके हैं। मई 2021 में एसटीएफ ने अल्मोड़ा जेल में सर्च आपरेशन चलाकर जेल से तीन मोबाइल फोन, चार सिम और 1. 29 लाख रुपये कैश बरामद किए थे।
एसटीएफ को इनपुट मिला था कि कुख्यात बदमाश कलीम अहमद, जोकि तब अल्मोड़ा में बंद था, वह जेल से ही अपने गैंग की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इस घटना के बाद जेल अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन कुछ समय बाद वही घटनाएं सामने आती रहती हैं।
इसी तरह नवंबर 2021 में एसटीएफ ने नरेंद्र वाल्मीकि के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया था। नरेंद्र वाल्मीकि ने इन्हें रुड़की के दो व्यक्तियों की हत्या का काम सौंपा था।
जांच एजेंसियों ने जेल प्रशासन को जेलकर्मियों की मिलीभुगत के इनपुट्स भी दिए थे। इसके बावजूद भी जेलों में बैठे कुख्यात समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देते आ रहे हैं। बुधवार रात को भी एसटीएफ ने सितारगंज जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के तीन गुर्गों को रुड़की से गिरफ्तार किया था, वह प्रवीण वाल्मीकि की शह पर जमीनों पर कब्जा कर रहे थे।
मोबाइल का इस्तेमाल रोकने के लिए जेलों में नहीं लग पाए जैमर
जेलों में कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, इसके लिए सभी जेलों में जैमर लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक अधिकतर जेलों में जैमर नहीं लग पाया। जो जैमर लगे भी हैं वह पुराने हैं, और मोबाइल के इस्तेमाल को नहीं रोक पा रहे हैँ। इसके अलावा जेलों में कैदियों की संख्या इतनी अधिक है कि एक-एक की चेकिंग करना भी जेलकर्मियों के लिए प्रतिदिन संभव नहीं हो पाता।
प्रवीण वाल्मीकि को अल्मोड़ा जेल किया शिफ्ट
कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के तीन गुर्गे रुड़की से गिरफ्तार होने के बाद जेल प्रशासन ने प्रवीण वाल्मीकि को अल्मोड़ा जेल में शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। एडीजी ओर से शिफ्टिंग के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा रुड़की से गिरफ्तार प्रवीण वाल्मिकी का भतीजा मनीष बालर, पंकज अष्टवाल व महिला निर्देश के फोन काल खंगाले जा रहे हैं, कि वह किस-किससे बात करते थे।
जेलों में मोबाइल का इस्तेमाल रोकने के लिए अब जेलकर्मियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वह ड्यूटी के दौरान जेल के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। जेलों में मोबाइल पर पूर्ण रोक के लिए यह कदम उठाया गया है। - अभिनव कुमार, एडीजी, कारागार
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