मसूरी के बस स्टैंड पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, 77 अवैध आवास फिर से सील
मसूरी बस स्टैंड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बने 80 में से 77 आवासों को एमडीडीए ने हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा सील कर दिया। ...और पढ़ें

मैसानिक लाज स्थित बस स्टैंड में बनाए गए आवास को सील करते एमडीडीए कर्मचारी।
HighLights
एमडीडीए ने मसूरी बस स्टैंड के 77 आवास सील किए
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई यह दोबारा सीलिंग कार्रवाई
बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बने थे ये अवैध आवास
संवाद सहयोगी, मसूरी। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए मैसानिक लाज स्थित बस स्टैंड में बनाए गए 80 आवास में से 77 को एमडीडीए ने नगर पालिका परिषद, प्रशासन के सहयोग से सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा सील कर दिया। शेष तीन आवास में रह रहे लोगों को दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद इन्हें भी सील किया जाएगा।
नगर पालिका परिषद के विगत बोर्ड ने मैसानिक लाज बस स्टैंड का चौड़ीकरण किया। इस दौरान 80 आवास का निर्माण भी किया गया। जिनको एमडीडीए ने मानचित्र स्वीकृत बिना बनाने पर सील कर दिया था। लेकिन, लोगों ने सील तोड़कर आवास पर कब्जे कर लिए।
जिस पर हाई कोर्ट में पीआइएल डाली गई। हाई कोर्ट ने इन सभी आवास को सील करने के आदेश दिए। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन पर प्रशासन, पुलिस कुछ दिन पूर्व आवास खाली कराने पहुंची। लेकिन, लोगों ने आवास खाली करने के लिए समय मांगा।
जिसकी समय सीमा पूरी होने पर सोमवार को भारी पुलिस, पीएसी व महिला पुलिस बल की मौजूदगी में नायब तहसीलदार, कोतवाल, एमडीडीए व पालिका के अधिकारियों ने 77 कमरे सील कर दिए। साथ ही तीन आवास में रह रहे परिवारों को मानवीयता के आधार पर खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व मसूरी एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की जाएगी। एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक ने कहा इन आवास को पालिका ने किसी को भी आवंटित नहीं किया था।
जिस पर हाई कोर्ट में पीआईएल डाली गई। जिसके क्रम में यह कार्रवाई की गई। इस मौके पर नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा, कोतवाल देवेंद्र चौहान, पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सभाषद रूचिका गुप्ता, अमित भटट, सचिन गुहेर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, गौरव गुप्ता आदि मौजूद रहे।