हवा में लटकी बोगी हटाना चुनौती, ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस की बोगियां पटरी से उतरी; कई ट्रेनें प्रभावित
ऋषिकेश के योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास उज्जैनी एक्सप्रेस की पटरी से उतरी बोगी को निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है।इस हादसे के बाद से ट्रेन सेवाएं प्रभ ...और पढ़ें
HighLights
उज्जैनी एक्सप्रेस की बोगी योगनगरी स्टेशन के पास पटरी से उतरी।
हवा में लटकी बोगी को निकालने में रेलवे को चुनौती।
बचाव कार्य जारी, कई ट्रेनें प्रभावित, यात्री असमंजस में।
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। योगनगरी रेलवे स्टेशन के समीप खांडगांव क्षेत्र में शंटिंग के दौरान पटरी से उतरी उज्जैनी एक्सप्रेस की बोगी को निकालने के लिए रेलवे का रेस्क्यू कार्य लगातार चल रहा है। रेलवे इंजीनियरों के लिए ऊंचाई पर स्थित रेलवे ट्रैक के बाहर हवा में लटकी बोगी को निकलना बड़ी चुनौती बन रहा है।
कई घंंटे के प्रयास के बाद एक बोगी को किया अलग
कई घंटे के प्रयासों के बाद आखिरकार 8 बजकर 45 मिनट पर बोगी के एक हिस्से को अन्य बोगी से काटकर अलग कर दिया गया है, जिसके बाद क्षतिग्रस्त बोगी का एक हिस्सा रेलवे ट्रैक से नीचे गिर गया है, जबकि दूसरा हिस्सा अन्य बोगी से जुड़ा हुआ है। अब क्षतिग्रस्त बोगी के दूसरे हिस्से को भी काटा जा रहा है।

क्षतिग्रस्त बोगी।
मुरादाबाद डीआरएम मौके पर पहुंचे
वहीं, मध्यरात्रि को क्षतिग्रस्त बोगी के पीछे एक बोगी को छोड़कर अन्य बोगियों को दूसरे इंजन की मदद से घटनास्थल से ले जाया जा चुका था।
डीआरएम मुरादाबाद मंडल भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्य की निगरानी कर रही हैं। इस दौरान आरपीएफ सहायक कमांडेंट असलम मोहम्मद की निगरानी में आरपीएफ के जवान आम लोगों को रेलवे ट्रैक से दूर हटाने में जुट हैं। बाईपास मार्ग पर पर्यटक रूट होने के कारण पर्यटक वाहन रोककर हादसे का वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं, इससे सड़क पर जाम के हालात भी बन रहे हैं।
रेस्क्यू के चलते ट्रैक पर आवाजाही पर रोक
- रेस्क्यू के चलते ट्रैक पर फिलहाल ट्रेनों की आवाजाही पर रोक है।
- हालांकि, इस ट्रैक पर संचालित होने वाली आगामी ट्रेन योगा एक्सप्रेस 12.30 बजे है जिसे योगनगरी स्टेशन पहुंचना है।
- फिलहाल योगनगरी स्टेशन आने वाली सभी ट्रेनों को पुराने ऋषिकेश स्टेशन में खड़ा किया जाएगा।
- योगनगरी से जाने वाली पहली ट्रेन योग़नगरी एकसप्रेस है जिसका रवाना होने का समय दोपहर 2.55 बजे है।
- अभी ट्रेनों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
रातभर सो नहीं पाए क्षेत्रवासी, बोले, सोमेश्वर महादेव ने रक्षा की
घटना स्थल के एक ओर खांड गांव में आबादी बसी है। गनीमत रही कि ट्रेन आबादी क्षेत्र में नहीं घुसी। वरना बड़ा हादसा तय था। क्षेत्रवासी इसे श्री सोमेश्वर महादेव की कृपा मान रहे हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि घटना स्थल के सामने कुछ दूरी पर ही सोमेश्वर नगर में श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है। खांड गांव निवासी पूर्व महापौर अनीता ममगाईं ने कहा कि रेल हादसे की आवाज सुनकर क्षेत्रवासी सहम गए थे। लोग रातभर डर के कारण सो नहीं पाए। कहा कि इस क्षेत्र के लोगों पर सोमेश्वर महादेव की हमेशा से कृपा बनी रही है।
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