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    उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को मिली नई गति, तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 11:01 PM (IST)

    उत्तराखंड में 2026 की पहली छमाही में जागेश्वर, त्रियुगीनारायण, धारी देवी और पूर्णागिरि धाम जैसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्ध ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. जागेश्वर, त्रियुगीनारायण में श्रद्धालुओं की संख्या ढाई गुना बढ़ी।

    2. धारी देवी में दोगुनी, पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज।

    3. सरकार के प्रयासों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा।

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में अब चारधाम ही नहीं बल्कि सभी धार्मिक स्थलों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। इसीलिए यह कहा जा रहा है कि राज्य देश की आध्यात्मिक राजधानी बनने के पथ पर तेजी से चल पड़ा है।

    पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 की पहली छमाही में जागेश्वर व त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना तक बढ़ी है, जबकि धारी देवी में लगभग दोगुनी और पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार प्रमुख मंदिरों के विकास, मानसखंड मंदिरमाला मिशन, तीर्थस्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। इन प्रयासों का असर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के रूप में दिखाई दे रहा है।

    पर्यटन विभाग के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम में 1.74 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 67,875 थी। रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या 1.36 लाख से बढ़कर 3.40 लाख पहुंच गई।

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    श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर में छह माह के दौरान 5.42 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 2.83 लाख थी। चंपावत के पूर्णागिरि धाम में भी 20.91 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब साढ़े छह लाख अधिक हैं।

    चारधाम यात्रा भी इस वर्ष नया इतिहास रच रही है। यात्रा के 105 दिनों में 45.84 लाख श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। यमुनोत्री धाम में दो अगस्त तक 6.54 लाख यात्रियों ने दर्शन कर अब तक का सर्वाधिक रिकार्ड बनाया है।

    वहीं, बद्रीनाथ धाम में यात्रा के पहले 100 दिनों में 15.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष से 3.11 लाख अधिक हैं। धार्मिक पर्यटन का विस्तार सीमांत क्षेत्रों तक भी हुआ है। पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश में मात्र दो माह में 52,441 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि नैनीताल के कैंची धाम में जनवरी से जून के बीच 24.34 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

    सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन में यह बढ़ोतरी न केवल उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यटन आधारित आजीविका को भी नई गति दे रही है।