हरिद्वार में आफत की बारिश: लक्सर में रिकॉर्ड 180 MM वर्षा, डूबे शहर के कई इलाके, उफान पर गंगा
हरिद्वार जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिससे लक्सर, हरिद्वार और रोशनाबाद में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई और निचले इलाकों में ...और पढ़ें

मध्य हरिद्वार के श्री चंद्राचार्य चौक पर जलभराव से गुजरती बस।
HighLights
हरिद्वार में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया
लक्सर, हरिद्वार में रिकॉर्ड वर्षा, निचले इलाकों में जलभराव
प्रशासन ने जल निकासी के निर्देश दिए, कोई जनहानि नहीं
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। हरिद्वार जिले में बुधवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने गुरुवार को पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
जिले के लक्सर में रिकार्ड 180 एमएम, हरिद्वार में 122 एमएम और रोशनाबाद में 115 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली लेकिन निचले इलाकों में सैलाब जैसे हालात बन गए।
चंद्राचार्य चौक और भगत सिंह चौक रेलवे पुलिया जैसे व्यस्ततम इलाकों में पानी भरने से बस सहित कई वाहन फंस गए, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
जलभराव के इस गंभीर संकट को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और नगर आयुक्त नंदन कुमार ने जलमग्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर पंपों के जरिए जलनिकासी के निर्देश दिए।
चौधरी चरण सिंह कालोनी के भीतर जल भराव की शिकायत पर भी तुरंत कार्रवाई की गई।
भारी बारिश के कारण कनखल लाटोवाली और उत्तरी हरिद्वार के कई क्षेत्रों में पानी भरने से लोग घंटों घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए।
इस बीच रेलवे रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के पास एक टिन शेड पर विशालकाय पेड़ गिर गया, जिसके मलबे में फंसे दो लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया, जबकि लालढांग क्षेत्र में एक मकान की दीवार ढह गई।
नगर आयुक्त कुमार ने जलभराव के लिए संवेदनशील भगत सिंह चैक, रानीपुर मोड़, संदेश नगर, शारदा नगर, भोपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट के निकट तथा पुराना आरटीओ चौक सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निगम की टीमों ने तत्काल पंप संचालित कर जल निकासी करायी।
उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, श्रीकांत, अर्जुन सिंह, मनोज कुमार, विकास चौधरी, सफाई निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक विकास छाछर, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार तैनात रहकर जल निकासी और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे।
वर्षा से बढ़ा गंगा का जलस्तर
पर्वतीय और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा से गंगा नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दोपहर दो बजे भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 290.90 मीटर और शाम चार बजे 290.95 मीटर पर पहुंच गया, जो फिलहाल चेतावनी स्तर 293 मीटर और खतरे के निशान 294 मीटर से नीचे बना हुआ है।
जिले में भारी वर्षा के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि पशुहानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई गई सूचनाओं पर संबंधित विभागों की ओर से तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई है। किसी भी राष्ट्रीय, राज्य अथवा जिला मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है। सभी प्रमुख सड़क मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा जारी है। इसलिए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
-मीरा रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, हरिद्वार
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