Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बनभूलपुरा अतिक्रमण: कई स्कूल जद में, 15 स्कूलों के तीन हजार से ज्यादा बच्चे होंगे शिफ्ट

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 08:08 AM (IST)

    हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण से 15 से अधिक स्कूल प्रभावित हैं, जिनमें चार सरकारी विद्यालय भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    बनभूलुपरा क्षेत्र के 15 से अधिक स्कूल। प्रतीकात्मक

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । रेलवे भूमि अतिक्रमण की जद में बनभूलुपरा क्षेत्र के 15 से अधिक स्कूल भी आ रहे हैं। जिसमें जीजीआइसी सहित चार सरकारी विद्यालय भी शामिल हैं। इन स्कूलों में 3000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।

    अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद संबंधित इलाके में हलचल बढ़ गई है। लोग बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग अपने स्तर पर तैयारी कर रखी है। लोगों की भविष्य में यहां से हटाया जहां भी व्यवस्था की जाएगी वहां नजदीकी सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।

    स्थानीय लोगों के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सबसे पुराना स्कूल है। इसकी स्थापना 1944 में किए जाने की बात कही जाती है। वर्तमान में यहां 266 बच्चे पढ़ाई करते हैं। जूनियर हाईस्कूल बनभूलपुरा को इसी से अलग कर बनाया गया था। जिसमें अभी 72 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। वहीं, इस इलाके में वर्ष 1989 में राजकीय इंटर कालेज (जीआइसी) स्थापित किया गया था। इसमें 470 विद्यार्थी हैं।

    जबकि, जीजीआइसी बनभूलपुरा में सबसे ज्यादा 1036 छात्राएं शिक्षा ले रही हैं। इसके अलावा 10 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल और कुछ मदरसे भी हैं। रेलवे और प्रशासन ने इन संस्थानों को भी नोटिस दिए हैं। ऐसे में स्कूलों के प्रबंधन अतिक्रमण पर कार्रवाई के दौरान इनके टूटने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

    बोर्ड एग्जाम हो रहे, गृह परीक्षाएं भी प्रस्तावित

    उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। जो 20 मार्च तक संचालित होंगी। बनभूलपुरा क्षेत्र में जीआइसी और जीजीआइसी में परीक्षाओं केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही मार्च में स्कूलों में गृह परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में अभिभावक परीक्षाओं को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं।

    निर्माण धनराशि

    रेलवे अतिक्रमण का मामला चलने की वजह से बनभूलपुरा क्षेत्र के स्कूलों में सुधारीकरण का काम भी नहीं हो पा रहा है। सरकारी स्कूलों को बड़े काम कराने के लिए भी बजट जारी नहीं हुआ है। हालांकि, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अतिमहत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्र में आ रहे निजी स्कूलों की ओर से भी कोई कार्य नहीं करवाया जा रहा है।

    शिक्षा सभी का अधिकार है। कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। बनभूलपुरा क्षेत्र से परिवारों के लिए भविष्य में जहां भी व्यवस्था की जाएगी वहां के सरकारी स्कूलों में बच्चों का प्रवेश हो जाएगा। - जीआर जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल

    यह भी पढ़ें- बनभूलपुरा अतिक्रमण: रेलवे भूमि पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, 2027 के विधानसभा चुनावों पर दिखेगा असर

    यह भी पढ़ें- बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण: पुलिस के पहरे में पूरा क्षेत्र, एक हफ्ते तक तैनात रहेगी पीएसी

    women achievers
    women achievers

    बड़ी खबरें