बनभूलपुरा: जिस जमीन के लिए पत्थर-पेट्रोल बम बरसाए, वह भी चली गई; 250 लोग हुए घायल और थाना किया था खाक
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में 30.04 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, जिसमें कंपनी बाग क्षेत्र भी शामिल है जहां पहले हिंसा हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ...और पढ़ें

जहां हुआ था बनभूलपुरा कांड, उससे जुड़ा वार्ड भी दायरे में आ रहा। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। बनभूलपुरा क्षेत्र की 30.04 हेक्टेयर जमीन से कब्जा हटना है। सुप्रीम फैसले की वजह से यह संभव हो पाया है। भौगोलिक परिस्थिति पर नजर डाले तो इस दायरे में उस जमीन का हिस्सा भी आ रहा है। जिसके लिए दो साल पहले उपद्रवियों ने पत्थरों से लेकर पेट्रोल बम तक बरसाए थे। इसे सरकारी रिकार्ड में कंपनी बाग कहा जाता है।
जबकि स्थानीय लोग मलिक का बगीचा क्षेत्र कहते हैं। दूसरी तरफ पीएम आवास योजना को लेकर मार्च में शुरू होने वाले सर्वेे को लेकर कट आफ डेट एक सितंबर 2024 तय की गई है। यानी इसके बाद यहां बसे किसी परिवार को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा है।
चारों तरफ से बरसे पत्थर
आठ फरवरी 2024 को पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम बनभूलपुरा स्थित मलिक के बगीचे में सरकारी भूमि पर बने मदरसे और नमाज स्थल को ध्वस्त करने के लिए गई थी। इस दौरान उपद्रवियों ने चारों तरफ से पत्थर बरसाना शुरू कर दिया।
पेट्रोल बम से हमला करने के साथ ही बनभूलपुरा थाने को भी आग के हवाले कर दिया था। दंगे में 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। जिसमें निगम कर्मचारी, पुलिस जवान, अफसरों से लेकर मीडियाकर्मी तक शामिल थे। मगर बवाल के बावजूद कार्रवाई नहीं थी।
दूसरी तरफ बनभूलपुरा में रेलवे भूमि का मामला आठ वार्डों से जुड़ा है। पांच वार्ड पूरी तरह तो तीन आंशिक रूप से प्रभावित होंगे। पूरी तरह दायरे में आने वाले वार्डों में गफूर बस्ती वार्ड 24, लाइन नंबर 17 से 20 वार्ड नंर 25, नई बस्ती वार्ड नंबर 26, इंदिरानगर पश्चिमी वार्ड नंबर 32 और इंदिरानगर पूर्वी वार्ड नंबर 33 आएंगे।
जबकि आंशिक तौर पर दायरे में आने वालों में किदवई नगर वार्ड 15, इंदिरानगर दक्षिणी वार्ड 30 और कंपनी बाग वार्ड 31 आ रहे हैं। कंपनी बाग वार्ड का क्षेत्र मलिक के बगीचे से जुड़ा हुआ है। इस बगीचे में हुए अवैध निर्माण को लेकर दो साल पहले उपद्रव हुआ था।
आसपास के घरों से लगातार पत्थर की बौछार की जा रही थी। जिसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया था। भूमि के अगले हिस्से में थाना बन रहा है। जबकि पीछे का कुछ भाग खाली पड़ा है।
चार करोड़ से बन रहे पुलिस थाने को लेकर असमंजस
मलिक के बगीचे में हुए बवाल के बाद सरकार ने उप्रदवियों को कड़ा संदेश देने के लिए शासन ने इस जमीन के बड़े हिस्से पर थाना बनाने का निर्णय लिया था। भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। करीब चार करोड़ का बजट प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत हुआ था। मामले को लेकर एसएसपी मंजुनाथ टीसी से पूछने पर उनका कहना था कि शासन की स्वीकृति पर थाने का भवन बन रहा है।
बनभूलपुरा में सुरक्षा का जिम्मा पीएसी पर
मंगलवार को फैसले वाले दिन बनभूलपुरा के अलावा अन्य थानों का फोर्स यहां तैनात किया गया था। देर रात सुरक्षा का जिम्मा इन्हीं पर था। मगर बुधवार को एक कंपनी पीएसी यहां तैनात कर दी गई है। बनभूलपुरा थाने के जवान भी मुस्तैद है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी गंभीरता बरती जा रही है।
रेलवे के विस्तार को राज्य ने भी दी भूमि
कुल 30.04 हेक्टेयर भूमि से कब्जा हटना है। इसमें से 16.556 हेक्टेयर लैंड रेलवे के नाम पर पहले से दर्ज था। जबकि सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार की 13.484 भूमि भी रेलवे को मिली है। यह नजूल लैंड थी। जिस पर बने 13 भवन ही फ्री होल्ड है। इन्हें मुआवजा मिलेगा।










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