Uttarakhand News: गंगोत्री हाईवे पर नेताला बाईपास के निर्माण को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा काम
उत्तरकाशी में चारधाम सड़क परियोजना के तहत नेताला बाईपास निर्माण को वन विभाग ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की समस्या को देखते हुए तेखला से हीना तक 8.70 किमी लंबा बाईपास प्रस्तावित है। स्वीकृति के बाद 17.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र में वन संपदा की क्षतिपूर्ति पर विचार किया जाएगा। बीआरओ को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। उत्तरकाशी से भैरोंघाटी तक चारधाम सड़क परियोजना में प्रस्तावित नेताला बाइपास के निर्माण को वन विभाग उत्तराखंड शासन ने अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इसके बाद इस बाईपास के निर्माण को लेकर कवायद आगे बढ़ने की उम्मीद है। वन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने बाइपास निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने की पुष्टि की।
दरअसल, भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक महत्व के गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेताला में वर्षों से सक्रिय भूस्खलन जोन के चलते चारधाम सड़क परियोजना में तेखला से हीना तक करीब 8.70 किमी लंबे बाइपास का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन की ओर से सर्वे आदि की सभी प्रक्रिया पूरी कर स्वीकृति लिए प्रस्ताव भेजा गया था।
बाईपास के सामरिक महत्व को देखते हुए वन विभाग उत्तराखंड शासन ने इसे अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस स्वीकृति के बाद बाईपास निर्माण की जद में आने वाले करीब 17.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र में वन संपदा की क्षतिपूर्ति को लेकर कवायद आगे बढ़ेगी।
उत्तरकाशी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी ने तेखला से हीना तक प्रस्तावित बाईपास को वन विभाग उत्तराखंड शासन से सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने की पुष्टि की।
इधर, बीआरओ के कमांडर राजकिशोर का कहना है कि वह धराली आपदा के बाद से गंगोत्री हाईवे की बहाली में लगे हुए थे, इस कारण उन्हें बाईपास को स्वीकृति की जानकारी नहीं है, हालांकि उन्होंने भी इसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई।
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