गायत्री मंत्र का जप करने से मन को शांति मिलती है। इसके अलावा शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
धार्मिक दृष्टि के गायत्री मंत्र बेहद शक्तिशाली माना गया है। आज हम आपको बताएंगे कि किस दिशा में गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए।
गायत्री मंत्र का जाप दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भूलकर भी न करें क्योंकि यह दिशा नकारात्मकता लाती है।
पश्चिम दिशा में भी मुंह करके गायत्री मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। इससे जीवन में कोई अनहोनी हो सकती है।
गायत्री मंत्र का जाप पूरब दिशा की ओर मुंह करके करना चाहिए। इससे जीवन में खुशहाली आती है।
गृह क्लेश का खात्मा होगा। परिवार के सदस्यों की आय बढ़ेगी। पड़ोसी भी आपसे प्रसन्न रहेंगे।
उत्तर दिशा की ओर मुंह करके भी आप गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं। वास्तु की दृष्टि से यह दिशा बेहद शुभ है।
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com