सनातन धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व होता है। इस पौधे की पूजा करने से धन की कमी दूर होती है। आइए जानते हैं कि तुलसी की परिक्रमा करते समय किस मंत्र का जाप करना चाहिए?
तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास रहता है। इस पौधे की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और परिवार के सदस्य तरक्की करते हैं।
अक्सर लोग रोजाना स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे की पूजा करते हैं। इस दौरान जल अर्पित करके तुलसी की परिक्रमा करते हैं। ऐसा करने बेहद शुभ माना जाता है।
तुलसी की परिक्रमा करते समयत महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते मंत्र पढ़ना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
तुलसी के पौधे की कम से कम 3 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इसके अलावा, सात या 108 बार परिक्रमा कर सकते हैं। इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
वास्तु के अनुसार, तुलसी के पौधे के पास शाम के समय घी का दीपक जलाना शुभ होता है। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं होता है।
गृह क्लेश का सामना करने वाले लोगों को तुलसी की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही, शाम के समय पौधे के पास दीपक जलाएं। ऐसा करने से परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
तुलसी की परिक्रमा करते समय मंत्र पढ़ना चाहिए। इससे पैसों की तंगी दूर होती है और आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगती है। इसके अलावा, तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
तुलसी के पौधे की पूजा करने की विधि जानने समेत अध्यात्म से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ