Mauni Amavasya 2025: पितृ देव होंगे प्रसन्न, इस स्तोत्र का करें पाठ


By Farhan Khan29, Jan 2025 07:00 AMjagran.com

मौनी अमावस्या 2025

हिंदू धर्म शास्त्र के मुताबिक, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या है। मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है।

मौनी अमावस्या पर करें पितृ स्तोत्र का पाठ

मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप पितृ स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो इससे पितृ देव प्रसन्न हो सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

पितरों की कृपा प्राप्त करने का पाठ

अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् । नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम् ।। इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा । सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् । ।

पितरों का मिलेगा आशीर्वाद

मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा । तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।। नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा । द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।।

करें पितृ स्तोत्र का पाठ

देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् । अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।। प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च । योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।।

पितृ स्तोत्र पाठ के लाभ

नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु । स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।। सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा । नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।।

पितृ स्तोत्र का पाठ कैसे करें?

अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् । अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।। ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय: । जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।।

पितरों से प्रार्थना कैसे करें?

तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस: । नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।। पितृ स्तोत्र का पाठ करने से पितृ देव सदैव आपसे प्रसन्न रहेंगे।

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com