हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि मां कात्यायनी को भोग लगाते समय कौन से मंत्र पढ़ने चाहिए?
नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होने लगती हैं।
नवरात्र में छठे दिन मां कात्यायनी को उनके पसंद की चीजों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से साधक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से माता रानी प्रसन्न होने लगती हैं और साधक को आशीर्वाद देती हैं।
मां कात्यायनी की पूजा करते समय लाल गुलाब चढ़ाना बेहद शुभ होता है। इससे माता रानी प्रसन्न होकर साधक की मनोकामना पूरी करती हैं।
मां कात्यायनी की पूजा करते समय या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
नवरात्र के छठे दिन पूजा करते समय ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे, ऊं कात्यायनी देव्यै नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे भय से मुक्ति मिलती है।
धन की कमी का सामना करने वाले लोगों को मां कात्यायनी की पूजा करते समय शहद का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
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