Pradosh Vrat पर करें इन चमत्कारी मंत्रों का जप, मिलेगी सफलता


By Ashish Mishra31, Dec 2024 01:20 PMjagran.com

प्रदोष व्रत 2025

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत पर पूजा-पाठ करने का विधान है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत पर किन मंत्रों का जप करना चाहिए?

प्रदोष व्रत कब है?

पंचांग के अनुसार, साल 2025 में 11 जनवरी को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करें।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत की शुरुआत 11 जनवरी को सुबह 08 बजकर 21 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 12 जनवरी को सुबह 06 बजकर 33 मिनट पर होगा।

भगवान शिव की पूजा करें

प्रदोष व्रत पर सुबह स्नान करने के बाद पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें। इस दौरान फल, मिठाई, फूल, माला, अक्षत, कुमकुम औरर चंदन आदि अर्पित करें।

मंत्र का जप करें

प्रदोष व्रत पर पूजा करते समय भगवान शिव के मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे साधक के जीवन में आने वाले संकट दूर होने लगते हैं।

भगवान शिव के मंत्र का जप

प्रदोष व्रत पर पूजा करते समय ॐ महाकाल नमः, ॐ नटराज नमः या ॐ रुद्रनाथ नमः मंत्र का जप करें। इससे भोलेनाथ प्रसन्न होने लगते हैं।

महा मृत्युंजय मंत्र का जप करें

शिव की जी की पूजा करते समय ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् मंत्र का जप करना चाहिए।

शिव गायत्री मंत्र

प्रदोष व्रत पर पूजा करते समय ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् मंत्र का जप करना शुभ होता है। इससे साधक को कार्य में सफलता मिलती है।

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