सनातन धर्म में छठ महापर्व का विशेष महत्व होता है। इस दौरान संतान के लिए व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कि उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय कौन से मंत्र पढ़ने चाहिए?
पंचांग के अनुसार, इस साल छठ महापर्व 07 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं।
इस साल षष्ठी तिथि की शुरुआत 07 नवंबर को रात 12 बजकर 41 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 08 नवंबर को देर रात 12 बजे होगा। 8 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
छठ महापर्व के अंतिम दिन यानी 08 नवंबर को सुबह सुबह 06 बजकर 38 पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
छठ महापर्व के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दौरान मंत्र का जप करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
छठ पूजा के दौरान उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा मंत्र का जप करना चाहिए।
छठ महापर्व पर अर्घ्य देते समय ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः या ॐ सूर्याय नम: मंत्र का जप करना चाहिए। इससे जीवन में खुशहाली आती है।
छठ पूजा के दौरान उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ मंत्र पढ़ना शुभ होता है। इससे कार्य में आ रही बाधा दूर होती है और सफलता के योग बनते हैं।
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