सनातन धर्म में पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करने का विधान होता है। ऐसा करने से जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होती है। आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है?
पंचांग के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन दान-पुण्य करने से जीवन में परेशानियां नहीं आती हैं।
पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 14 दिसंबर को दोपहर 04 बजकर 58 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 15 दिसंबर को दोपहर को 02 बजकर 31 मिनट पर होगा।
ज्योतिष के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सूर्य देव धनु राशि में गोचर करते हैं। इस दिन को धनु संक्रांति भी रहा जाता है और इसी दिन से खरमास शुरू होता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ होता है। ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होने लगती हैं।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: मंत्र का जप करना चाहिए। इससे कार्य में सफलता मिलती है और रुके हुए कार्य भी होने लगते हैं।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को दूध, दही, घी, शक्कर और चावल दान करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक के जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होती है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा से मिथुन, कर्क, धनु और कन्या राशि के जातकों की किस्मत बदल जाएगी। इन जातकों की आय में वृद्धि होगी और आर्थिक तंगी दूर होगी।
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