प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट और शुभ मुहूर्त


By Ashish Mishra11, Nov 2024 10:00 PMjagran.com

प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत कब है?

प्रदोष व्रत कब है?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास का दूसरा प्रदोष व्रत 13 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दौरान पूजा-पाठ करना शुभ होता है।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 13 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 13 मिनट होगी। वहीं, इसका समापन 14 नवंबर को सुबह 09 बजकर 43 मिनट पर होगा।

भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा

प्रदोष व्रत क शाम भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से जीवन में आने वाले सारे संकट दूर होने लगते हैं।

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं

प्रदोष व्रत के दौरान पूजा के समय शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। इससे शिव जी प्रसन्न होते हैं और साधक को कार्य में सफलता मिलती है।

मंत्र का जप करें

प्रदोष व्रत पर शिव जी के मंत्र ॐ नमः शिवाय मत्र का जप करना चाहिए। इससे कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शिव जी का आशीर्वाद मिलता है।

कार्य में मिलती है सफलता

प्रदोष व्रत पर इस विधि से शिव जी पूजा करने से कार्य में सफलता मिलती है। इसके अलावा, पहले से रुके हुए कार्य होने लगते हैं।

आर्थिक स्थिति होती है मजबूत

धन की कमी का सामना करने वाले लोगों को प्रदोष व्रत के दौरान शिव जी और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है।

पढ़ते रहें

साल-भर पड़ने वाले त्योहार और विशेष तिथियों के बारे में जानने समेत अध्यात्म से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ