सनातन धर्म में गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि अष्टमी के दिन किन उपायों को करने से संकट दूर होते हैं?
पंचांग के अनुसार, गुप्त नवरात्र का समापन 07 फरवरी 2025 को होगा। इस दौरान पूजा-पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि पर 05 फरवरी को देर रात 02 बजकर 30 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 06 फरवरी को देर रात 12 बजकर 35 मिनट पर होगा।
कई उपाय ऐसे होते हैं, जिसे गुप्त नवरात्र की अष्टमी तिथि पर करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
माघ माह की गुप्त नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कपूर के साथ लौंग जलाएं। इसके बाद इसके धुएं को पूरे घर फैला दें। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होने लगती हैं।
गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करते समय गोमती चक्र चढ़ाएं। पूजा पूरी होने के बाद इसे लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख दें। इससे धन की कमी नहीं होगी।
गुप्त नवरात्र की अष्टमी तिथि पर पूजा करते समय घी का दीपक जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और क्लेश से छुटकारा मिलेगा।
इन उपायों को करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी। इसके अलावा, परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होगा।
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