कलावा बांधने के क्या नियम हैं?


By Farhan Khan18, Dec 2024 04:50 PMjagran.com

कलावा बांधना

हाथ पर कलावा बांधने की शुरुआत मां लक्ष्मी से हुई है। सनातन धर्म में इसका बेहद महत्व है। कलावा को रक्षा सूत्र के नाम से भी जाना जाता है।

नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा

कलावा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा होता है। इसके साथ ही इंसान को ब्रह्मा, विष्णु, और महेश का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

कलावा बांधने से जुड़े नियम

आज हम आपको बताएंगे कि आखिर कलावा बांधने के क्या नियम है? आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानें।

खाली हाथ कलावा न बंधवाए

खाली हाथ कलावा नहीं बंधवाना चाहिए। ऐसे में आप हाथ में चावल या सिक्का रख सकते हैं। इससे घर में धन का आगमन होता है।      

मंत्र का जप करें

कलावा बांधते समय 'येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः, तेन त्वां मनु बध्नामि, रक्षे माचल माचल' मंत्र का जप करना चाहिए।

विवाहित स्त्रियां बाएं हाथ में कलावा बंधवाए

पुरुषों और अविवाहित लड़कियों को अपने दाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए। विवाहित स्त्रियों को बाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए।

21 दिनों तक पहनना शुभ

शास्त्रों के मुताबिक, 21 दिनों तक ही कलावा पहनना शुभ माना जाता है। इससे ज्यादा दिनों तक हाथ में कलावा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है।

उतरे हुए कलावे को दोबारा हीं बांधना चाहिए

उतरे हुए कलावे को कभी दोबारा नहीं बांधना चाहिए। उतारने के बाद इसे किसी बहती नदी में प्रवाहित कर देना शुभ होता है।

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