सनातन धर्म में पूजा का काफी अधिक महत्व है। किसी भी शुभ काम को करने के लिए मुहूर्त के सात पूजन का ख्याल रखा जाता है।
कई बार जल्दबाजी में हाथों से चीजें गिर जाती है। आमतौर पर ये आम बात हैं लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पूजा से संबंधित कुछ चीजों को हाथों से गिरना अशुभ माना जाता है।
आज हम आपको बताएंगे कि पूजा के समय अचानक दीपक गिर जाए, तो इसका क्या मतलब होता है? ताकि आपको सही जानकारी हो सकें। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
अगर पूजा करते समय अचानक से दीपक गिर जाए, तो ये अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हाथों से दीपक गिरना किसी अनहोनी का संकेत हो सकता है।
इसके लिए कुल देवता की पूजा करनी चाहिए। भूल चूक के लिए माफी मांगते हुए दोबारा दीपक जला देना चाहिए।
दीपक गिरने के साथ-साथ अचानक से दीपक का बुझना भी शुभ नहीं माना जाता। दीपक बुझने का अर्थ है कि आपने पूरे मन से पूजा नहीं की।
दीपक बुझने का दूसरा अर्थ है कि देवी-देवता आपसे नाराज हो सकते हैं। इसके लिए आप ईश्वर से माफी मांग कर दोबारा दीप प्रज्वलित कर सकते हैं।
इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com