सनातन धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है। इस दिन खानपान पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से क्या होता है?
पंचांग के अनुसार, साल 2025 में 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस दौरान स्नान-दान करने से साधक के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
इस दिन खिचड़ी खाने की प्रथा होती है। इस प्रथा का आज भी पालन किया जा रहा है। इसके पीछे कई मान्यता है।
शास्त्र में चावल को चंद्रमा, काले उड़द को शनि, हल्दी को बृहस्पति और नमक को शुक्र का प्रतीक माना गया है। खिचड़ी में इन चीजों को मिलाना जरूरी होता है।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाना बेहद शुभ होता है। इसे खाने से कुंडली मे सूर्य और मंगल जैसे ग्रह मजबूत होते हैं और संकट दूर होते हैं।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसे खाने से सालभर कोई गंभीर बीमारी नहीं होती है।
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का दान करना बेहद शुभ होता है। ऐसा करने से जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
खिचड़ी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आहार फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
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