रक्षाबंधन भाई-बहनों के प्रेम के प्रतीक में बनाया जाता है। आइए जानते हैं कि भद्रा काल में राखी बांधने से कौन से अशुभ परिणाम मिलते हैं?
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का भी साया है और इस दौरान राखी बांधना अशुभ माना जाता है।
ज्योतिषियों की मानें तो सावन पूर्णिमा पर भद्रा का समय 05 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस समय राखी बांधने से बचना चाहिए।
19 अगस्त को राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 32 मिनट से लेकर 04 बजकर 20 मिनट तक है। इसके बाद प्रदोष काल में शाम 06 बजकर 56 मिनट से लेकर 09 बजकर 08 मिनट तक है।
कई बार बहनें बिना शुभ मुहूर्त देखे यानी भद्रा काल में ही भाई को राखी बांध देती हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। भद्रा के दौरान राखी बांधने से अशुभ परिणाम मिलते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि भद्रा काल में राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में दरार आने लगती है। रिश्तों को मजबूत करने के लिए शुभ मुहूर्त में राखी बांधनी चाहिए।
भद्रा काल में राखी बांधने से भाई-बहन के जीवन में परेशानियां आने लगती हैं। इसके साथ ही, जीवन में अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।
राखी बांधते समय येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:, तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि,रक्षे माचल माचल: मंत्र का जाप करना चाहिए।
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