सनातन धर्म में देव उठनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि देव उठनी एकादशी पर कौन से काम करना वर्जित होता है?
पंचांग के अनुसार, इस बार देव उठनी एकादशी 12 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, देवउठनी एकादशी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर शाम 06 बजकर 46 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 12 नवंबर को शाम 04 बजकर 04 मिनट पर होगा।
कई काम ऐसे होते हैं, जिसे देवउठनी एकादशी पर करना वर्जित होता है। इन कामों को करने से भगवान विष्णु नाराज होने लगते हैं।
देवउठनी एकादशी पर तामसिक चीजों जैसे मांस-मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन करने से बचना चाहिए। इस दिन सिर्फ सात्विक चीजें ही खानी चाहिए।
ऐसा कहा जाता है कि देवउठनी एकादशी पर क्रोध करने से तनाव बढ़ने लगता है। इसके अलावा, व्यक्ति के मान-सम्मान में भी कमी आती है।
एकादशी के दिन तुलसी का पत्ता तोड़ना वर्जित माना जाता है। इसके साथ ही, इस दिन चावल का सेवन करने से बचना चाहिए।
देवउठनी एकादशी पर पर इन कामों को करने से व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, जीवन में पैसों की कंगाली हो सकती है।
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