सनातन धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि इस दौरान संध्या के समय जल में क्या मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
पंचांग के अनुसार, इस साल छठ महापर्व 07 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा-पाठ करने का विधान होता है।
इस साल षष्ठी तिथि की शुरुआत 07 नवंबर को रात 12 बजकर 41 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 08 नवंबर को देर रात 12 बजे होगा। 8 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन शाम शाम 05 बजकर 32 मिनट पर सूर्यास्त होगा। इस दौरान अर्घ्य देना शुभ होगा।
छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या के समय जल में कच्चा दूध मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय जल में लाल चंदन मिलाना शुभ होता है। इसके अलावा, अक्षत और कुश डालना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे जल प्रवाहित करते हुए अर्घ्य देना चाहिए।
छठ पूजा के दौरान डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से सारी मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही, जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
छठ पूजा के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देने से संतान को दीर्घायु की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
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