सनातन धर्म में जितिया व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दौरान महिलाएं पुत्र के लिए व्रत रखती हैं। आइए जानते हैं कि जितिया व्रत पर कौन से काम करने चाहिए?
पंचांग के अनुसार, इस बार जितिया व्रत 25 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं।
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 25 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा।
कई काम ऐसे होते हैं, जिसे जितिया व्रत के दिन करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
जितिया व्रत के दिन स्नान करे के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव की मूर्ति रखकर दूध और जल से अभिषेक करें।
जितिया व्रत के दौरान पूजा करते समय आरती करने के बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाएं। ऐसा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
जितिया व्रत पर भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है, जो एक गंधर्व राजकुमार थे। माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं।
जितिया व्रत पर इन कामों को करने से पुत्र को दीर्घायु की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
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