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    अमूल का मेगा प्लान, बंगाल में 600 करोड़ की लागत से लगाएगा दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 06:19 AM (IST)

    अमूल हावड़ा के सांकराइल फूड पार्क में 600 करोड़ रुपये के निवेश से दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रहा है। यह संयंत्र प्रतिदिन 10 ला ...और पढ़ें

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    बंगाल में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट (AI जनरेटेड तस्वीर)

    HighLights

    1. अमूल बंगाल में 600 करोड़ का दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट।

    2. संयंत्र प्रतिदिन 10 लाख किलोग्राम दही, लस्सी, छाछ का उत्पादन करेगा

    3. यह परियोजना राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार सृजित होंगे

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता । देश का प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल बंगाल में 600 करोड़ रुपये के निवेश से हावड़ा के सांकराइल फूड पार्क में दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र स्थापित करने जा रहा है। इस संयंत्र में प्रतिदिन 10 लाख किलोग्राम दही, लस्सी और छाछ का उत्पादन किया जाएगा।

    सत्ता परिवर्तन के बाद यह परियोजना बंगाल के डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अमूल ब्रांड के निर्माण से जुड़ी गुजरात के आनंद स्थित कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ इस परियोजना को दो चरणों में विकसित करेगा।

    इस परियोजना की घोषणा बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2025 के दौरान की गई। अमूल के प्रबंध निदेशक जयन मेहता ने बताया कि यह केवल दही उत्पादन इकाई नहीं होगी, बल्कि एक एकीकृत डेयरी परिसर के रूप में विकसित की जाएगी। 

    संयंत्र में प्रतिदिन 15 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता होगी। यहां आइसक्रीम, पनीर, घी, फ्लेवर्ड मिल्क और यूएचटी दूध का भी उत्पादन किया जाएगा।

    बंगाल में अमूल की प्रतिदिन 10 लाख लीटर से अधिक दूध की है बिक्री

    अमूल पहले से ही बंगाल में ताजा दूध के सबसे बड़े ब्रांडों में शामिल है और प्रतिदिन 10 लाख लीटर से अधिक दूध की बिक्री करता है। अमूल ने राज्य के 14 जिलों में दूध संग्रहण नेटवर्क स्थापित किया है, जिससे 1.2 लाख से अधिक महिला दुग्ध उत्पादक जुड़ी हुई हैं।

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    विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल का डेयरी बाजार 2024 में लगभग 89,000 करोड़ रुपये का था और 2033 तक इसमें सालाना 12 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की संभावना है।

    अमूल का मानना है कि टोक दोई (खट्टा दही) और मिष्टी दोई (मीठा दही) की बढ़ती मांग को देखते हुए इस क्षेत्र में विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं। परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ राज्य के डेयरी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

    अमूल वर्तमान में प्रतिदिन 3.1 करोड़ लीटर दूध का प्रसंस्करण करता है और उसकी वार्षिक क्षमता 5 करोड़ लीटर प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है। लगभग 50 देशों में निर्यात करने वाला अमूल आज भारत के सबसे मूल्यवान खाद्य ब्रांडों में शामिल है।