तृणमूल कांग्रेस का 'असली' गुट कौन सा? चुनाव आयोग ने 6 जुलाई तक मांगे दावे; ऋतब्रत-ममता ने क्या कहा
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताया और पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न व कोष पर अपन ...और पढ़ें
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चुनाव आयोग ने असली TMC का दावा साबित करने के लिए 6 जुलाई तक का दिया समय (फाइल फोटो)
HighLights
ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग से मिलकर खुद को असली तृणमूल बताया।
ऋतब्रत ने पार्टी के नाम, चिह्न, कोष पर अपना अधिकार जताया।
ममता खेमे ने दावा खारिज कर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर दावे को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर खुद को पार्टी का असली नेतृत्व बताया।
बैठक के बाद ऋतब्रत ने कहा कि उनकी ओर से गठित नई राष्ट्रीय कार्यसमिति ही वैध है और पार्टी के नाम, संगठन, चुनाव चिह्न तथा कोष पर उनका अधिकार बनता है।
चुनाव आयोग ने पार्टी का दावा पेश करने का दिया मौका
चुनाव आयोग (EC) ने आज गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विरोधी गुटों को पार्टी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संगठनात्मक चुनावों को लेकर अपने दावे और जवाबी दावे पेश करने का निर्देश दिया।
EC के अधिकारियों के अनुसार, ममता बनर्जी और बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी, दोनों को पत्र भेजे गए हैं और उनसे 6 जुलाई को शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब देने को कहा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ऋतब्रत बनर्जी गुट ने राष्ट्रीय राजधानी में EC की पूरी बेंच से मुलाकात की और पार्टी पर अपना दावा पेश किया।
इस बीच, ममता बनर्जी गुट ने बागियों को मिलने का समय देने के आयोग के फैसले पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह बैठक चुनाव आयोग की अपनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
ऋतब्रत बनर्जी ने असली टीएमसी होने का किया दावा
ऋतब्रत ने दावा किया कि तृणमूल के दो-तिहाई विधायक, कई पूर्व मंत्री, पार्षद और जिला परिषद सदस्य उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि आयोग को सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए गए हैं और जल्द अगली सुनवाई की उम्मीद है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'यह किसी प्रतीक की मांग का मामला नहीं है, क्योंकि हम ही तृणमूल हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी पहले परिवार केंद्रित होकर रह गई थी और अब उसे फिर जमीनी कार्यकर्ताओं की पार्टी बनाया जाएगा।
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अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बिना उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी किसी 'चार्टर्ड ब्यूरोक्रेट' के इशारे पर नहीं चलेगी। इसे अभिषेक के चार्टर्ड विमान के इस्तेमाल पर कटाक्ष माना जा रहा है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे ने ऋतब्रत गुट के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष और लोकसभा सदस्य सौगत राय ने ऋतब्रत गुट की आयोग से मुलाकात को अवैध बताया।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में चुनाव आयोग काम कर रहा है। उनका सवाल था कि जब पार्टी ने ऋतब्रत गुट को अधिकृत नहीं किया, तब उन्हें आयोग ने समय कैसे दिया।
गौरतलब है कि 22 जून को ऋतब्रत गुट ने विशेष अधिवेशन बुलाकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को नई कार्यसमिति से बाहर कर दिया था।
इसके बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग के समक्ष स्वयं को असली तृणमूल बताते हुए पार्टी के नाम, 'जुड़वा फूल' चुनाव चिह्न और कोष पर अधिकार का दावा पेश किया गया था।
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