मेक्सिको के कैरेबियन तट पर समुद्री जीवों के लिए दम घुटने वाले हालात, जमा हुईं शैवाल की मोटी परतें
कैरिबियन और मेक्सिको की खाड़ी के तटों पर सरगैसम समुद्री शैवाल की मोटी परतें जमा होने से समुद्री जीवन और पर्यटन पर गंभीर असर पड़ रहा है। ...और पढ़ें

कैरेबियन तट पर जमा हुईं समुद्री शैवाल की मोटी परतें।
HighLights
समुद्री शैवाल की मोटी परतें कैरिबियन तटों पर जमा।
27 मिलियन मीट्रिक टन सरगैसम जुलाई में दर्ज।
कृषि अपवाह, तापमान वृद्धि से शैवाल का फैलाव।
डिजिटल डेस्क, मेक्सिको। कैरिबियन और मेक्सिको की खाड़ी के समुद्र तटों और किनारों पर समुद्री शैवाल (सीवीड) की मोटी परतें जमा हो गई हैं। इससे समुद्र के किनारे दम घुटने जैसे हालात बन गए हैं और समुद्री जीवन खत्म हो रहा है। साथ ही पर्यटन पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने वाले इलाकों में आने वाले सैलानी भी इससे घबरा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा की ऑप्टिकल ओशनोग्राफी लैब की शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में अटलांटिक, कैरिबियन और मेक्सिको की खाड़ी में लगभग 27 मिलियन मीट्रिक टन खुद से पनपने वाला सरगैसम देखा गया है। कांटेदार समुद्री शैवाल मीलों तक समुद्र तट पर फैला हुआ है और किनारे पर सड़ने पर इससे बदबू आती है।
'सामान्य नहीं हैं हालात'
इस साल पहली बार वैज्ञानिकों ने कैरिबियन और मेक्सिको की खाड़ी जैसे इलाकों में सरगैसम को बड़ी मात्रा में उगते हुए देखा है, जबकि पहले यह समुद्री धाराओं के जरिए इन इलाकों में बहकर आता था। साउथ फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में मरीन साइंटिस्ट और रिसर्च असिस्टेंट प्रोफेसर ब्रायन बार्न्स ने कहा कि पश्चिमी अफ्रीका से सफर करते समय यह शैवाल आम तौर पर अलैंगिक रूप से प्रजनन करता है। उन्होंने कहा, "इनमें से कुछ भी सामान्य नहीं है। हर साल एक नई कहानी होती है।"
'बड़ी मात्रा में समुद्री शैवाल जमा कर रहा सरगैसम'
ग्रेट अटलांटिक सरगैसम बेल्ट 2011 से बढ़ रहा है और कैरिबियन तथा मेक्सिको की खाड़ी के तटों पर बड़ी मात्रा में समुद्री शैवाल जमा कर रहा है। जानकारों का कहना है कि खेती से बहकर आने वाला पानी, पानी का बढ़ता तापमान और हवा, समुद्री धाराओं व बारिश में बदलाव इसके कारण हो सकते हैं।
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इस साल इस इलाके में सामान्य से पहले ही प्रजनन शुरू करने वाला सरगैसम, पिछले साल दर्ज किए गए रिकॉर्ड 40 मिलियन मीट्रिक टन सरगैसम से ही निकला है। बार्न्स ने कहा, "2025 में शैवाल का फैलाव इतना ज्यादा था कि वह कभी पूरी तरह खत्म ही नहीं हुआ। यह स्थानीय स्तर पर शैवाल के नए फैलाव को शुरू करने के लिए काफी था।"