Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बिना डिग्री का Maths टीचर कैसे बना अरबपति? जेफरी एपस्टीन की रहस्यमयी दौलत की अंदर की कहानी

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 02:19 PM (IST)

    2019 न्यूयॉर्क की फेडरल जेल में Jeffrey Epstein मृत पाया जाता है। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया। लेकिन उसकी मौत ने केस को खत्म नहीं किया। बल ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    Epstein Files: अरबपतियों के वो गंदे राज़, जिनसे हिल गई पूरी दुनिया! (AI Generated)

    गुरप्रीत चीमा, नई दिल्ली। ये कहानी सिर्फ एक अरबपति की नहीं है… यह कहानी है पावर की, नेटवर्क की और उन प्राइवेट जेट्स व बंद कमरों की, जिनके दरवाज़े हमेशा अंदर से बंद रहते थे। Jeffrey Epstein और “Epstein Files” का नाम आते ही दुनिया के बड़े-बड़े नामों की धड़कन तेज़ हो जाती है।

    आज के इस एक्सप्लेनर में आप पढ़ेंगे कि एपस्टीन ने अपना प्रभावशाली नेटवर्क कैसे खड़ा किया, ‘एपस्टीन फाइल्स’ में क्या खुलासे हुए, किन ताकतवर हस्तियों के नाम चर्चा में आए, जांच एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की, और इस पूरे मामले ने सत्ता, कानून और जवाबदेही पर कौन से बड़े सवाल खड़े किए।

    Jeffrey Epstein... ब्रुकलिन की साधारण गलियों से निकलकर दुनिया की सबसे बंद दरवाज़ों वाली महफिलों तक पहुंचने वाला आदमी । 1970 के दशक में वो न्यूयॉर्क के एक स्कूल में Maths पढ़ाता था। लेकिन कुछ ही सालों में उसने क्लास छोड़ दी और वॉल स्ट्रीट की दुनिया में कदम रख दिया।

    बिना किसी बड़ी डिग्री, बिना किसी सार्वजनिक कंपनी, बिना किसी साफ़ बिज़नेस मॉडल के। वो खुद को अरबपतियों का “मनी मैनेजर” कहने लगा। उसने कभी खुलकर नहीं बताया कि उसने अपनी अपार दौलत कैसे बनाई, फिर भी उसकी जिंदगी आलीशान थी। मैनहट्टन का विशाल टाउनहाउस, फ्लोरिडा की हवेली, निजी जेट और कैरेबियन का एक निजी द्वीप जिसे बाद में मीडिया ने “लिटिल सेंट जेम्स” के नाम से बार-बार उल्लेखित किया।

    ब्रिटिश शाही परिवार का 'मनी मैनेजर'

    साल 1990 से 2000 के दशक तक वो ताकतवर लोगों के बीच एक स्थायी मौजूदगी बन चुका था, उसके संपर्कों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Bill Clinton, अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति Donald Trump और ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य Prince Andrew जैसे नाम शामिल रहे। उसका नाम कई बिजनेसमैन, अकैडेमिक फील्ड के बड़े नामों और टेक इंडस्ट्री की हस्तियों के साथ भी जुड़ता रहा।

    सार्वजनिक रिकॉर्ड में जिन हाई-प्रोफाइल नामों का उल्लेख सामने आया, उनमें शामिल बताए गए, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक Bill Gates, एक्टर Kevin Spacey, पॉप स्टार Michael Jackson, द रोलिंग स्टोन्स के गायक Mick Jagger और सिंगर Diana Ross.

    Jaffery Trump

    ये नाम फ्लाइट लॉग्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट, तस्वीरों या गवाहियों के संदर्भ में सार्वजनिक दस्तावेज़ों में दिखे। हालांकि, संपर्क होना अपराध नहीं होता, लेकिन जब उस पर गंभीर यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप लगे, तो दुनिया ने सिर्फ उसके अपराधों पर नहीं, उसकी दौलत और नेटवर्क की उस रहस्यमयी चुप्पी पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए, जिसने उसे सालों तक कानून के शिकंजे से दूर रखा।

    अब ध्यान देने वाली बात ये भी कि इन नामों का उल्लेख सार्वजनिक रिकॉर्ड में है, लेकिन इसका अर्थ आपराधिक संलिप्तता नहीं है। कई लोगों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

    2005: पहली बड़ी शिकायत

    फ्लोरिडा में पुलिस को शिकायत मिली कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण में शामिल है। जांच शुरू हुई और कई पीड़िताओं के बयान सामने आए। आरोप था कि लड़कियों को पैसे का लालच देकर बुलाया जाता था और फिर उनका शोषण किया जाता था। मामला धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया, लेकिन शुरुआती कार्रवाई जिस लेवल पर होनी चाहिए थी नहीं हुई।

    साल 2008… फ्लोरिडा में पुलिस जांच कर रही थी। कई नाबालिग लड़कियों ने बयान दिए थे। आरोप गंभीर थे- सेक्सुअल एब्यूज़ और शोषण के। शुरुआती संकेत यह थे कि मामला फेडरल स्तर तक जा सकता है, जहां सजा कहीं ज्यादा कठोर हो सकती थी।

    लेकिन फिर अचानक एक कानूनी मोड़ आया “प्ली डील”, 2009 में एपस्टीन के लिए लगभग मामला सुलट ही गया था, लेकिन प्ली डील ने खेल बिगाड़ दिया।

    प्ली डील क्या है?

    'प्ली डील' यानी अभियोजन पक्ष और आरोपी के बीच समझौता। इस डील में फेडरल सरकार ने गंभीर आरोप आगे नहीं बढ़ाए। मामला राज्य स्तर पर सीमित कर दिया गया। Epstein ने दो हल्के आरोप स्वीकार किए। सजा तय हुई 'लगभग 13 महीने'। अगर फेडरल आरोप लगते और दोष साबित होता, तो सजा कई सालों तक हो सकती थी। इसलिए इस डील को असामान्य रूप से नरम माना गया। लेकिन असली विवाद सजा से ज्यादा, सजा के तरीके को लेकर हुआ।

    यह भी पढ़ें- एपस्टीन फाइल्स में फिर गूंजा ब्रिटिश राजपरिवार का नाम, प्रिंस एंड्रयू और सारा पर सवाल

    दिनभर दफ्तर, रात में जेल

    एपस्टीन को “वर्क रिलीज़” की अनुमति दी गई। इसका मतलब वो हफ्ते में छह दिन लगभग 12 घंटे तक जेल से बाहर अपने ऑफिस जा सकता था। शाम को लौटता था, लेकिन दिन का अधिकांश समय जेल के बाहर बिताता था। तुलना की जाए तो भारत में भी कई बार प्रभावशाली कैदियों को अस्थायी पैरोल या विशेष छूट मिलती रही है, जैसे गुरमीत राम रहीम के मामलों में चर्चित पैरोल।

    Jeffery Epstein

    AI Generated Photo

    आलोचकों का कहना था कि इतने गंभीर आरोपों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इतनी सुविधा मिलना बेहद असामान्य था। आम कैदियों को ऐसी छूट शायद ही मिलती है और फिर आया वह पहलू जिसने इस मामले को न्यायिक विवाद बना दिया। बाद में खुलासा हुआ कि कई पीड़िताओं को इस प्ली डील की जानकारी समय रहते नहीं दी गई।

    अमेरिकी कानून Crime Victims Rights Act के तहत पीड़ितों को अभियोजन प्रक्रिया में सूचित करना और उनकी बात सुनना जरूरी होता है। लेकिन यहां कथित तौर पर समझौता चुपचाप तय हुआ। जब यह तथ्य सार्वजनिक हुआ, तो पीड़िताओं और उनके वकीलों ने कहा उन्हें न्याय प्रक्रिया से बाहर रखा गया।

    साल 2019… एक दशक पुराना मामला फिर से खुलता है और एक बार फिर गिरफ्त में आते हैं। इस बार कार्रवाई स्थानीय नहीं, बल्कि फेडरल स्तर पर होती है।
    आरोप पहले से कहीं ज्यादा गंभीर थे- सेक्स ट्रैफिकिंग, नाबालिगों का संगठित शोषण, कई वर्षों तक चलने वाला कथित नेटवर्क अमेरिकी अभियोजकों का दावा था कि यह सिर्फ अलग-थलग घटनाएं नहीं थीं, बल्कि एक संगठित पैटर्न था।

    एपस्टीन के मैनहट्टन मेंशन पर छापामारी

    न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित उसके आलीशान घर पर छापा मारा गया। यहां से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, हार्ड ड्राइव्स, तस्वीरें और दस्तावेज़ बरामद किए गए। संकेत साफ था... मामला शायद पहले सोचे गए दायरे से कहीं बड़ा हो सकता है। लेकिन मामला अदालत की दहलीज़ तक पहुंचता, उससे पहले कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

    Jeffery Epstein (1)

    10 अगस्त 2019

    इस दिन खबर आई कि Epstein ने आत्महत्या कर ली। न्यूयॉर्क की जेल में Epstein मृत पाया गया। आधिकारिक जांच में इसे आत्महत्या बताया गया। लेकिन इसपर कई सवाल उठे। जैसे- कैमरे क्यों काम नहीं कर रहे थे? निगरानी में चूक क्यों हुई? क्या उसने अपने साथ कुछ राज भी दफना दिए?

    गिलेन मैक्सवेल की गिरफ्तारी

    एपस्टीन की मौत के बाद 2020 में उसकी करीबी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल को गिरफ्तार किया गया। 2021 में अदालत ने उसे नाबालिग लड़कियों की सप्लाई के लिए दोषी ठहराया। इससे साबित हुआ कि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा नेटवर्क था। 2024–2025 में जब सील्ड कोर्ट डॉक्यूमेंट्स खुले, जिन्हें मीडिया ने “Epstein Files” कहा, तो फ्लाइट लॉग्स और गवाहों के शपथपत्रों ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया।

    Epstein Maxwell

    एक बड़ा सवाल… आख़िर Jeffrey Epstein ने अंडरएज शोषण का यह नेटवर्क क्यों बनाया? जांच रिकॉर्ड और गवाहियों के मुताबिक, शुरुआत “मसाज” के नाम पर हुई। कम उम्र की लड़कियों को बुलाया गया और फिर उनका यौन शोषण किया गया। धीरे-धीरे यह एक संगठित पैटर्न में बदल गया। आरोप है कि वह सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रहा बल्कि अपने प्रभावशाली संपर्कों के दायरे में भी लड़कियों को ले जाने लगा।

    पिरामिड स्कीम जैसा तंत्र बनाया

    जांच दस्तावेज़ बताते हैं कि उसने एक तरह की “पिरामिड स्कीम” जैसा तंत्र बना लिया था। पीड़ित लड़कियों से कहा जाता था और लड़कियां लाओ। इसके बदले पैसे मिलेंगे। इस तरह एक चेन तैयार हुई । जहां शोषण का दायरा बढ़ता गया।

    और अब Epstein Files Transparency Act, नवंबर 2025 में पारित वो कानून जिसके बाद यह सब दस्तावेज़ सार्वजनिक दायरे में आ रहे हैं। एपस्टीन मर चुका है। लेकिन फाइलें अब भी खुल रही हैं, और हर खुलता पन्ना सिर्फ एक अपराधी की कहानी नहीं… बल्कि उस सिस्टम की परतें भी दिखाता है, जिसने उसे सालों तक बचाए रखा। 

    यह भी पढ़ें- कबाड़खाने में सड़ रहा एपस्टीन का विमान, 'लोलिता एक्सप्रेस' के भीतर से सामने आई भयावह तस्वीरें

    women achievers
    women achievers

    बड़ी खबरें