'मुझे नहीं लगता कि ईरान ने ट्रंप जैसे राष्ट्रपति का कभी सामना किया होगा', बोले मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान के खिलाफ निर्णायक रणनीति की सराहना की, कहा कि तेहरान ने कभी ऐसे अमेरिकी नेता का सामना न ...और पढ़ें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो। (फाइल फोटो।)
HighLights
रुबियो ने ट्रंप की ईरान रणनीति की तारीफ की।
अमेरिकी हमलों से ईरान की रक्षा क्षमताएं कमजोर हुईं।
ईरान अब परमाणु समझौते पर बातचीत को उत्सुक।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (स्थानीय समय) को तेहरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की निर्णायक रणनीति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार का सामना कभी ऐसे अमेरिकी नेता से नहीं हुआ जो इतनी सीधी और स्पष्ट कार्रवाई करता हो।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने इस्लामिक रिपब्लिक के प्रति वॉशिंगटन के नजरिए पर बात की और पहले के तौर-तरीकों से आए बड़े बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान अब नतीजों से बचने के लिए पुराने तरीकों पर भरोसा नहीं कर सकता।
'ट्रंप जैसे राष्ट्रपति का सामना ईरान ने पहले नहीं किया होगा'
रूबियो ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ईरानी सरकार का सामना कभी ट्रंप जैसे राष्ट्रपति से हुआ है जो असल में कदम उठाते हैं। उन्हें 20-30 सालों से इसकी आदत हो गई थी कि न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया उन्हें झूठ बोलने और समझौते तोड़ने जैसी हरकतें करने देती थी और वे बच निकलते थे।"
'ईरान की रक्षा क्षमताएं हुईं कमजोर'
हाल की सैन्य कार्रवाइयों के असर के बारे में बताते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की रक्षा क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान सरकार ने वह पारंपरिक सुरक्षा कवच खो दिया है, जिस पर वह कभी अपनी सुरक्षा के लिए निर्भर थी।
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रूबियो ने माना कि "उनके पास अभी भी मिसाइलें और ड्रोन हैं और वे अभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।" हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के पास अब वह पारंपरिक सुरक्षा कवच नहीं है, जिसके पीछे वे छिपने वाले थे।
'ईरान बातचीत के लिए उत्सुक'
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि ईरान अब परमाणु हथियार खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े समझौतों पर बातचीत करने के लिए उत्सुक दिख रहा है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वॉशिंगटन पूरी मजबूती की स्थिति से बातचीत कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा, "और इसी बात ने पूरी स्थिति बदल दी है। यही एकमात्र कारण है कि वे अब परमाणु हथियार खत्म करने और स्ट्रेट को लेकर समझौता करने को तैयार हैं और कुछ मामलों में तो इसके लिए उत्सुक भी दिखते हैं। क्योंकि अब हम उनसे मजबूत स्थिति से बात कर रहे हैं, कमजोर स्थिति से नहीं।"
तेहरान की विदेश नीति के लक्ष्यों और मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत दिखाने की उसकी लंबे समय से चली आ रही कोशिशों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उस शासन के क्षेत्रीय प्रभाव को रोकने के लिए वॉशिंगटन को दबाव काफी बढ़ाना होगा।
रूबियो ने आगे कहा, "वे अपनी क्रांति का निर्यात करना चाहते हैं। इसे बदलना ही होगा और इसे बदलने का एकमात्र तरीका यह है कि इसकी कीमत इतनी बढ़ा दी जाए कि वे इसे चुका न सकें।"
ईरान पर होने वाले हमले को रद करने की ट्रंप ने की घोषणा
रुबियो के बयान के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमले को रद करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला इस शर्त पर लिया गया है कि फारस की खाड़ी वाले इस देश के साथ जल्द ही कोई समझौता हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इजरायल भी इस प्रतिबद्धता में उनके साथ शामिल है।