'गॉड पार्टिकल' की भविष्यवाणी में मदद करने वाले फ्रांस्वा एंग्लर्ट नहीं रहे, 2013 में मिला था नोबेल पुरस्कार
'गॉड पार्टिकल' (हिग्स बोसान) के अस्तित्व की भविष्यवाणी में मदद करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता बेल्जियम के भौतिक विज्ञानी फ्रांस्वा एंग्लर्ट का निधन ह ...और पढ़ें

'गॉड पार्टिकल' की भविष्यवाणी में मदद करने वाले फ्रांस्वा एंग्लर्ट नहीं रहे (फोटो- एक्स)
HighLights
2013 में मिला था भौतिकी का नोबेल पुरस्कार
सीईआरएन ने उनके निधन की जानकारी दी
न्यूयॉर्क टाइम्स, न्यूयॉर्क। 'गॉड पार्टिकल' (हिग्स बोसान) के अस्तित्व की भविष्यवाणी में मदद करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता बेल्जियम के भौतिक विज्ञानी फ्रांस्वा एंग्लर्ट का निधन हो गया है। उन्होंने गुरुवार को बेल्जियम में अंतिम सांस ली। वह 93 वर्ष के थे।
'यूरोपियन आर्गनाइजेशन फार न्यूक्लियर रिसर्च' (सीईआरएन) ने उनके निधन की जानकारी दी। ' हिग्स बोसान' कण भौतिकी की दुनिया में इतना अहम है कि इसे "गॉड पार्टिकल" का नाम दिया गया था।
फ़्रांस्वा एंग्लर्ट ने अंग्रेज वैज्ञानिक पीटर हिग्स के साथ मिलकर उस थ्योरी को विकसित करने में मदद की थी जिसे बाद में 'हिग्स फ़ील्ड' के नाम से जाना गया।
हिग्स फील्ड ऊर्जा का एक अदृश्य और सर्वव्यापी क्षेत्र है जो पूरे ब्रह्मांड में फैला हुआ है और मूलभूत कणों को द्रव्यमान प्रदान करता है।
यदि यह क्षेत्र मौजूद न होता, तो ब्रह्मांड के बुनियादी कण बिना किसी द्रव्यमान के प्रकाश की गति से दौड़ रहे होते, जिससे परमाणुओं, तारों, ग्रहों या जीवन का निर्माण असंभव हो जाता।
2013 में, हिग्स और एंग्लर्ट को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया। यह पुरस्कार उन्हें "एक ऐसी प्रक्रिया की सैद्धांतिक खोज के लिए मिला, जो सब-एटामिक कणों के द्रव्यमान की उत्पत्ति को समझने में मदद करती है।" सब-एटामिक कण सूक्ष्मतम कण होते हैं जिनसे मिलकर परमाणु का निर्माण होता है।