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    ट्रंप ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव: होर्मुज पर गहराया संकट, तेल कीमतों में भारी उछाल

    Updated: Mon, 11 May 2026 09:00 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया है। इस अस्वीकृति के बाद कच्चे तेल की ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया है, जिसके बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी प्रस्ताव के जवाब में ईरान ने युद्ध खत्म करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, प्रतिबंध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की मांग रखी थी। लेकिन ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में साफ शब्दों में कह दिया कि उन्हें यह प्रस्ताव मंजूर नहीं है।

    ट्रंप की इस प्रतिक्रिया के बाद तेल बाजार में हलचल मच गई। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब तीन प्रतिशत उछाल आ गया। सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां अब भी जहाजों की आवाजाही लगभग ठप बनी हुई है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता था।

    ईरान बोला - युद्ध खत्म करो, नाकेबंदी हटाओ

    ईरान ने अपने जवाब में साफ कहा कि अमेरिका पहले युद्ध खत्म करे, नाकेबंदी हटाए, ईरानी तेल बिक्री पर लगी रोक खत्म करे और जमे हुए ईरानी फंड जारी करे। ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा है।

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनकी मांगें वैध और जिम्मेदार हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही और लेबनान में स्थिरता उसकी प्रमुख शर्तों में शामिल हैं। लेकिन अमेरिका पहले युद्ध रोकने और फिर परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों पर बातचीत चाहता है।

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    दुनिया की धड़कन बना होर्मुज जलडमरूमध्य

    होर्मुज जलडमरूमध्य इस युद्ध का सबसे बड़ा दबाव बिंदु बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि अब वहां से बेहद कम जहाज गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह तीन तेल टैंकर किसी तरह वहां से निकले, लेकिन उन्होंने खुद को हमलों से बचाने के लिए अपने ट्रैकिंग सिस्टम तक बंद कर दिए। हालांकि अप्रैल की शुरुआत में संघर्ष विराम लागू हुआ था, लेकिन बीच-बीच में झड़पें जारी हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।

    चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग से करेंगे मुलाकात

    युद्ध लंबा खींचने से अमेरिका में भी दबाव बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से आम अमेरिकी नाराज हैं और इसका असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है। ट्रंप इस सप्ताह चीन दौरे पर जा सकते हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग से होगी। माना जा रहा है कि ईरान युद्ध और उससे पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट इस बैठक का बड़ा मुद्दा रहेगा।