'यह अच्छा नहीं...', ईरान युद्ध में शामिल नहीं होने पर ट्रंप ने नाटो और मेलोनी को लिया आड़े हाथ
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु खतरे के खिलाफ युद्ध में शामिल न होने पर नाटो और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आलोचना की है। ...और पढ़ें

ईरान युद्ध में शामिल नहीं होने पर ट्रंप ने नाटो को सुनाई खरी-खरी। (रॉयटर्स)
HighLights
ट्रंप ने ईरान युद्ध में शामिल न होने पर नाटो, मेलोनी को घेरा।
अमेरिका का समर्थन न करने पर सहयोगियों की कड़ी आलोचना की।
जी-7 सम्मेलन के बाद ट्रंप-मेलोनी के संबंध और बिगड़ गए।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होने पर नाटो और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को आड़े हाथ लिया है।
ट्रंप ने ईरान के बेहद गंभीर परमाणु खतरे को खत्म करने में शामिल नहीं होने पर इनकी जमकर आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सहयोगी अमेरिका का समर्थन करने में विफल रहे, जबकि अमेरिका ने दशकों से सुरक्षा प्रतिबद्धता निभाई है।
जी-7 सम्मेलन के बाद बिगड़े मेलोनी-ट्रंप के रिश्ते
ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने के प्रयासों में कुछ अमेरिकी सहयोगियों के सीधे तौर पर शामिल होने की अनिच्छा पर निराशा व्यक्त की। उनके निशाने पर विशेष रूप से इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी रहीं, जिनके साथ उनका संबंध हाल ही में फ्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद बिगड़ गया है।
मेलोनी ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
ट्रंप ने दावा किया था कि जी-7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेहद उत्सुक थीं और इसके लिए गिड़गिड़ा रही थीं। जबकि मेलोनी ने उनके दावे को खारिज किया था और कहा था, "मैं और इटली कभी गिड़गिड़ाते नहीं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पोस्ट में लिखा, "नाटो पर कई ट्रिलियन डॉलर खर्च किए जाने के बावजूद वे, इटली और उसकी प्रधानमंत्री ईरान व उसके बेहद गंभीर परमाणु खतरे के बारे में सोचेंगे भी नहीं। हम दशकों से उनकी रक्षा कर रहे हैं, जब परीक्षा की घड़ी आई तो वे हमारी और बाकी दुनिया की रक्षा करने के लिए मौजूद नहीं होते हैं। यह अच्छा नहीं है।"
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ट्रंप ने की नाटो की आलोचना
ट्रंप ईरान युद्ध में शामिल नहीं होने के लिए नाटो की कई बार आलोचना कर चुके हैं। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अनुच्छेद पांच के तहत सदस्य देश इस बात पर सहमत हैं कि किसी एक सदस्य पर हमले को सभी पर हमला माना जाएगा और ऐसे सशस्त्र हमले के जवाब में सामूहिक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)