Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ट्रंप की हत्या की स्थिति में स्वतः नहीं होगा जवाबी हमला, उपराष्ट्रपति बनेंगे कमांडर-इन-चीफ; वही तय करेंगे कार्रवाई

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 03:59 AM (IST)

    ट्रंप के ईरान पर मिसाइल हमले के दावे के विपरीत, संवैधानिक विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी कानून में राष्ट्रपति की हत्या के बाद सैन्य आदेशों के ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. ट्रंप का दावा: हत्या पर ईरान पर मिसाइल हमला।

    2. विशेषज्ञ: अमेरिकी कानून में स्वतः हमले का प्रावधान नहीं।

    3. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बनेंगे कमांडर-इन-चीफ, लेंगे अंतिम निर्णय।

    एपी, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद कि उनकी हत्या की स्थिति में ईरान पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला करने के आदेश पहले से दिए जा चुके हैं, संवैधानिक विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी कानून में ऐसा कोई प्रविधान नहीं है जिसके तहत राष्ट्रपति के निधन के बाद उनके सैन्य आदेश स्वत: लागू हो जाएं।

    संविधान के 25वें संशोधन और 1947 के प्रेसिडेंशियल सक्सेशन एक्ट के अनुसार राष्ट्रपति की मृत्यु होने पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तत्काल राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर बन जाएंगे। इसके बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में होगा। वे ट्रंप की इच्छा के अनुरूप कदम उठा सकते हैं या हालात के अनुसार अलग फैसला भी ले सकते हैं।

    ट्रंप ने हाल ही में अपनी इंटरनेट मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि यदि ईरान उनकी हत्या करता है तो उसकी ओर 1,000 मिसाइलें पहले से निशाना साधे तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों अन्य मिसाइलें भी दागी जाएंगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने कभी भी तकनीकी 'डेड मैन स्विच' जैसी व्यवस्था नहीं अपनाई है, जो राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद स्वत: सैन्य हमला शुरू कर दे।

    लेखक और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ गैरेट एम. ग्राफ के अनुसार, राष्ट्रपति की मृत्यु के साथ ही सैन्य कार्रवाई का अधिकार उनके उत्तराधिकारी के पास चला जाता है, इसलिए किसी भी पूर्व आदेश की वैधता पर अंतिम निर्णय नए राष्ट्रपति का ही होगा।

    खबरें और भी

    इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता की मौत का बदला लेने की बात दोहराई है। अंतिम संस्कार के दौरान भी ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे और पोस्टर दिखाई दिए।

    वहीं अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने ट्रंप के खिलाफ संभावित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका को सतर्क किया है। व्हाइट हाउस ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जबकि ट्रंप ने कहा है कि ईरान उन्हें निशाना बनाना चाहता है। अमेरिका पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुका है कि किसी अमेरिकी नेता या नागरिक पर हमला गंभीर परिणामों का कारण बनेगा।