मेक अमेरिका ग्रेट अगेन नहीं, Make America Christian कहिए... क्या है Big MAC प्रोजेक्ट?
अमेरिका में 'बिग मैक प्रोजेक्ट' के तहत 'मेक अमेरिका क्रिश्चियन' आंदोलन जोर पकड़ रहा है, जिसमें व्हाइट हाउस समर्थित एक प्रार्थना समारोह में हजारों लोग ...और पढ़ें

ट्रंप ने वीडियो के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे राष्ट्र को भगवान के अधीन एक राष्ट्र के रूप में फिर से समर्पित करें (फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के संविधान में जीसस क्राइस्ट का एक बार भी जिक्र नहीं है, लेकिन अमेरिका की वर्तमान सरकार किसी बाइबिल-आधारित रीबूट की कोशिश करती हुई दिख रही है। रविवार को अमेरिका के नेशनल मॉल में Rededicate 250 के लिए हजारों लोग पहुंचे।
यह 8 घंटे का प्रार्थना समारोह था, जिसे व्हाइट हाउस द्वारा समर्थन प्राप्त था। लोगों ने तंज करते हुए इसे Big MAC प्रोजेक्ट बताया यानी Make America Christian। इस कार्यक्रम में इवेंजेलिकल पादरी, वरशिप बैंड, बाइबिल प्रचारक सभी पहुंचे थे। माहौल ऐसा कि मध्यकालीन यूरोप को भी लगेगा कि वहां चर्च की कमी है।
ट्रंप प्रशासन का ईसाईवाद
ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भी Big MAC प्रोजेक्ट को चरितार्थ करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। ट्रंप ने वीडियो के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे राष्ट्र को भगवान के अधीन एक राष्ट्र के रूप में फिर से समर्पित करें।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिका के जन्म को ईसाईयत से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'उसी आदेश से अमेरिका का जन्म हुआ।' अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी अमेरिकी पहचान को ईसाई धर्म के साथ जोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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इस कार्यक्रम का कुछ खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर के पैसों से उठाया गया था। गौर करने वाली बात ये है कि कभी अमेरिका तुर्की जैसे देशों को धर्म को राष्ट्रवाद के साथ मिलाने के खिलाफ उपदेश देता था और आज वहीं ट्रंप के MAGA समर्थक अमेरिका को एक ईसाई राष्ट्र घोषित कर रहे हैं।
क्या चाहते हैं ट्रंप?
कार्यक्रम में कुछ लोग बोलते हुए 4 कदम और आगे निकल गए। पादरी Robert Jeffress ने घोषणा की कि अमेरिका के संस्थापक पिताओं को आज ईसाई राष्ट्रवादी कहा जाता है। कंज़र्वेटिव टिप्पणीकार Eric Metaxas ने भीड़ को बताया कि प्रभु ने ट्रंप को उभारने के लिए दो सदियों तक इंतजार किया।
कार्यक्रम में एक व्यक्ति टी-शर्ट पहनकर आया था, जिस पर लिखा था- जीसस मेरे रक्षक हैं। ट्रंप मेरे राष्ट्रपति हैं। अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपतियों ने धर्म और राष्ट्र के बीच पारंपरिक संवैधानिक संतुलन बनाए रखा, लेकिन ट्रंप ने अलग ही मिसाल पेश कर दी है।
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