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    'अमेरिका में पैसे भारत लाता है, पाकिस्तान नहीं', दोनों देशों के रिश्तों पर अमेरिकी सांसद ने कही बड़ी बात

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 09:29 PM (IST)

    अमेरिकी सांसद रिच मैककॉर्मिक ने कहा कि भारत अमेरिका में निवेश लाता है और खुद भी निवेश प्राप्त करता है, जबकि पाकिस्तान ऐसा नहीं करता। उन्होंने भारत को ...और पढ़ें

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    भारत-अमेरिका के रिश्तों पर अमेरिकी सांसद ने कही बड़ी बात।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान के प्रति बढ़ा है। ऐसे में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका में निवेश नहीं लाता है और न ही अमेरिका पाकिस्तान में निवेश करता है।

    12 जनवरी को सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तान 300 मिलियन लोगों का देश है। लेकिन आप उसे अमेरिका में निवेश लाते हुए नहीं देखते। भारत न सिर्फ निवेश लेता है, बल्कि वह अमेरिका में निवेश भी लाता है।"

    'भारत खुद को मजबूत कर रहा है'

    उन्होंने कहा कि भारत एक देश के तौर पर आगे बढ़ रहा है और अलग-अलग क्षेत्रों में खुद को एक मजबूत देश के तौर पर स्थापित कर रहा है। अमेरिकी सांसद ने यह भी बताया कि देश का 'मिडिल क्लास' दुनिया के बाजार पर असर डालना शुरू कर रहा है।

    मैककॉर्मिक ने आगे कहा, "टैलेंट मायने रखता है और भारत बहुत ज्यादा टैलेंट दे रहा है। सिर्फ टैलेंटेड लोगों को एक्सपोर्ट करने में ही नहीं, बल्कि वे जिस तरह की भूमिका निभा रहे हैं, उसमें भी।"

    'मुसीबत में फंस सकता है अमेरिका'

    इसलिए, उन्होंने तर्क दिया कि अगर अमेरिका भारत जैसे देश को खुद से दूर करता है तो वह बड़ी मुसीबत में पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका भारतीयों को दोस्त के तौर पर अपनाता है तो हमें शांति और खुशहाली मिलेगी। अगर हम उन्हें दूर करते हैं तो यह हम सभी के लिए बड़ी मुसीबत होगी।"

    उनके बयान ऐसे समय में आए हैं जब ट्रेड और टैरिफ को लेकर अमेरिका और भारत के रिश्तों में तनाव आया है। डेमोक्रेटिक कांग्रेसी अमी बेरा ने इस बातचीत को आगे बढ़ाया और कहा कि हालांकि कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन दोनों देश एक लंबी अवधि की रणनीतिक और आर्थिक पार्टनरशिप के लिए प्रतिबद्ध हैं जो टैरिफ, वीजा और मार्केट एक्सेस को लेकर छोटे-मोटे विवादों से कहीं आगे जाती है।

    'पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश नहीं कर रहीं अमेरिका कंपनियां'

    उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत को निवेश के लिए एक मुख्य जगह मानती हैं। बेरा ने कहा, "आप अमेरिकी कंपनियों को पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश करते हुए नहीं देखते। यह सब भारत में हो रहा है।" मतभेदों के बावजूद, दोनों सांसदों ने कहा कि सहयोग का रणनीतिक तर्क बहुत मजबूत है। बेरा ने कहा, "हम लंबा खेल खेल रहे हैं।"

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