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    अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पहली बार किया सी-ड्रोन का इस्तेमाल, सबमरीन सेंटर पर बरसाए बम

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:32 AM (IST)

    अमेरिकी सेना ने ईरान के पनडुब्बी और जहाज रखरखाव केंद्रों पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें पहली बार समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह हमला अमेरिका-ईर ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अमेरिकी सेना ने ईरान के पनडुब्बी रखरखाव केंद्र पर हमला किया।

    2. पहली बार कॉम्बैट ऑपरेशन में समुद्री ड्रोन का उपयोग किया गया।

    3. यह हमला अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

    डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में पनडुब्बी और जहाज के रखरखाव के सेंटर पर हमला किया है। सेंट्रल कमांड ने सोमवार को बताया कि सेना ने रविवार को कई ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए इन ठिकानों पर हमले किए।

    सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कल CENTCOM की सेनाओं ने कई वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल करके ईरान में पनडुब्बी और जहाज के रखरखाव की सुविधा पर सफलतापूर्वक हमला किया।"

    पुराने रूप में वापस लौटे अमेरिका-ईरान

    ये हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिका और ईरान अपने पुराने रूप में वापस लौट आए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहा है तो वहीं ईरान कतर, बहरीन, जॉर्डन और ओमान समेत मिडिल-ईस्ट के आस-पास के देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है।

    अमेरिका ने पहली बार किया समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल

    अमेरिका ने ईरान के अहम बंदर अब्बास पोर्ट पर हमला किया। यह पहली बार था जब अमेरिकी सेना ने कॉम्बैट ऑपरेशन में समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया था। सेंट्रल कमांड ने कहा, "पिछली रात के हमलों ने ईरान की कमर्शियल शिपिंग पर हमला जारी रखने की क्षमता को कम कर दिया है।"

    यह घटना अमेरिकी सेना के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुई है जिसमें उसने कहा था कि सोमवार को उसने दर्जनों ठिकानों पर हमले किए। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट, मिसाइल और ड्रोन उपकरण तथा छोटी नावें शामिल थीं। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा, "हम होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा कर रहे हैं।"

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    'खुला रहेगा होर्मुज स्ट्रेट'

    होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के ईरानी दावों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा, "होर्मुज खुला है और हमेशा खुला रहेगा। चाहे ईरान साथ दे अथवा न दे।" हाल ही में हुए यूएस-ईरान हमलों ने जून में हुई अंतरिम डील को खतरे में डाल दिया है। ईरानी समाचार एजेंसियों 'फार्स्' और 'तस्नीम' की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को दक्षिण-पश्चिमी ईरान में कुवैत और इराक के पास तेल उत्पादक इलाके में यूएस के हमलों में दो लोगों की मौत हो गई।

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