Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'ईरान के पास नहीं हो सकता परमाणु हथियार', ट्रंप से मुलाकात के बाद चिनफिंग ने होर्मुज खोलने पर जताई सहमति

    Updated: Sat, 16 May 2026 08:31 AM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन यात्रा के बाद दावा किया है कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और होर्मुज क ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    ट्रंप से मुलाकात के बाद चिनफिंग ने होर्मुज खोलने पर जताई सहमति (फोटो- रॉयटर्स)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप तीन दिवसीय (13 मई से 15 मई तक) चीन यात्रा पर थे। ट्रंप ने चीन यात्रा के दौरान अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक बातचीत की। इस यात्रा के बाद ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हो गए हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और होर्मुज को हर हाल में खुला रखा जाना चाहिए।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन की अपनी तीन-दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से मुलाकात की, जहां उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।

    चीन से रवाना होने के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर US का नियंत्रण है, और साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि इस क्षेत्र में US की नौसैनिक नाकेबंदी के कारण पिछले ढाई हफ्तों में ईरान को प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है।

    ईरान के मुद्दे पर, ट्रंप का यह मानना है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, उन्होंने यह बात बहुत जोर देकर कहा कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और वह चाहते हैं कि वे होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखें।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ताइवान में आजादी के लिए लड़ाई नहीं देखना चाहते, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा टकराव होगा। हमारा प्रवास बहुत अच्छा रहा, यह एक अद्भुत समय था। राष्ट्रपति चिनफिंग एक अच्छे इंसान हैं। राष्ट्रपति चिनफिंग और मैंने ताइवान के बारे में बहुत बात की। उनका मानना है कि ताइवान जो कुछ भी कर रहा है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। वे ताइवान के कार्यों के सख्त खिलाफ हैं।

    खबरें और भी

    ईरान और ताइवान के बारे में अच्छी समझ

    ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि हमने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से ताइवान और ईरान के मुद्दे पर चर्चा की। मुझे लगता है कि इन दोनों मुद्दों पर हमारी आपसी समझ बहुत अच्छी है। ताइवान के मुद्दे पर, वह आजादी के लिए कोई लड़ाई नहीं देखना चाहते, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा टकराव होगा। मैंने उनकी बात सुनी। मैंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन मैंने उनकी बात पूरी तरह सुनी। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है।

    अमेरिका ताइवान को हथियारों की बिक्री के लिए चीन की सलाह नहीं लेगा?

    एयर फोर्स वन प्रेस वार्ता के दौरान, ट्रंप से 1982 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा दी गई उन आश्वासनों के बारे में पूछा गया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ताइवान को हथियारों की बिक्री के मामले में चीन से सलाह नहीं करेगा और यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने इस बारे में चीन से सलाह की थी।

    इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि 1982 की बात बहुत पुरानी हो चुकी है। वह बहुत लंबा समय था। मैंने इस बारे में कुछ नहीं कहा था, लेकिन उन्होंने ही इस मुद्दे को उठाया। चिनफिंग ने इस बात का जिक्र किया कि यह एक अहम मुद्दा है। तो फिर, मैं क्या करता, क्या मैं उनसे यह कहता कि मैं इस बारे में आपसे बात नहीं करना चाहता, क्योंकि 1982 में एक समझौता हुआ था? नहीं, हमने हथियारों की बिक्री पर भी चर्चा की। असल में, हमने ताइवान के मुद्दे पर बहुत विस्तार से बात की। और मैं जल्द ही इस पर कोई फैसला लूंगा। (समाचार एजेंसी ANI के इनपटु के साथ)

    यह भी पढ़ें- 'ईरान 20 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम छोड़े तो समझौता संभव', ट्रंप बोले- तेहरान जल्द करे बातचीत

    यह भी पढ़ें- शी चिनफिंग की डायरी में झांकते दिखे डोनल्ड ट्रंप, वीडियो हो गया वायरल