AI के इस्तेमाल से चीन में तेजी से जा रही नौकरियां, रिपोर्ट में दावा
चीन में AI के बढ़ते इस्तेमाल से नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है और लेबर मार्केट कमजोर हो रहा है। ...और पढ़ें

AI के इस्तेमाल से चीन में तेजी से जा रही नौकरियां। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई जा रही है)

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डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन में AI का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अनिश्चित लेबर मार्केट में और नौकरियां जाने की चिंता बढ़ गई है। वुहान में ड्राइवरलेस कैब शुरू होने से टैक्सी ड्राइवर बेरोजगार हो गए थे।
'द गार्डियन' अखबार में पत्रकार एमी हॉकिन्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि ड्राइवरों को तब कुछ राहत मिली और उनकी नौकरियां वापस मिल गईं, जब इनमें से कुछ कैब अचानक रुक गई, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगा गया और जांच के लिए पूरी फ्लीट को हटा लिया गया।
AI ने बेरोजगारी के डर को बढ़ा दिया
हाल ही में AI द्वारा व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की जगह लेने की घटनाओं ने भी इस नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी फैलने के डर को बढ़ा दिया है।
तेजी से कमजोर हो रहा लेबर मार्केट
जुलाई में शंघाई में वर्ल्ड AI कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, चीन की राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि AI के साझा समृद्धि और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होना चाहिए। हालाकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह लक्ष्य ऐसे समय में हासिल करने की कोशिश की जा रही है, जब लेबर मार्केट तेजी से कमजोर हो रहा है।
चीन में बेरोजगारी का स्तर ऊंचा
रिपोर्ट में कहा गया है, 'चीन में न केवल बेरोजगारी का स्तर ऊंचा है, बल्कि करोड़ों कर्मचारी औपचारिक रोजगार छोड़कर गिग इकोनॉमी की ओर बढ़ गए हैं। एक थिंक-टैंक के अनुसार, फ्लेक्सिबल रोजगार में लगे लोगों की संख्या इस साल 32 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो 2019 में 16 करोड़ थी। यह चीन की कुल वर्कफोर्स का लगभग 44 प्रतिशत है।'
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रोबोटैक्सी से ड्राइवरों के रोजगार पर खतरा
पूरे देश में, रियल एस्टेट और शिक्षा जैसे उद्योगों में मंदी आने के कारण, कर्मचारी गुजारा करने के लिए राइड हेलिंग एप्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन अब रोबोटैक्सी, जो AI को सबसे लोकप्रिय एप्लिकेशन्स में से एक हैं और चीन में पहले से ही इस्तेमाल हो रही है, के आने से उनकी आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)