अंतरिक्ष में चीन का कमाल, रियूजेबल रॉकेट तकनीक में हासिल की बड़ी सफलता; अमेरिका को दी चुनौती
चीन ने लॉन्ग मार्च-10बी रॉकेट के लांच के बाद पहली बार ऑर्बिटल-क्लास रियूजेबल रॉकेट बूस्टर को नियंत्रित रूप से वापस लाने में सफलता हासिल की है। ...और पढ़ें

चीन ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में हासिल की बड़ी सफलता (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
चीन ने रियूजेबल रॉकेट बूस्टर को पहली बार सफलतापूर्वक वापस लाया।
लॉन्ग मार्च-10बी रॉकेट का बूस्टर समुद्री प्लेटफॉर्म पर पकड़ा गया।
यह सफलता चीन को अंतरिक्ष में अमेरिका के समकक्ष खड़ा करती है।
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। अमेरिका को चीन कई क्षेत्रों में चुनौती दे रहा है। अब उसने अंतरिक्ष क्षेत्र में भी वह क्षमता हासिल कर ली है, जो सिर्फ अमेरिका के पास थी।
दरअसल, चीन ने शुक्रवार को लांग मार्च-10बी कैरियर रॉकेट के लॉन्च के बाद ऑर्बिटल-क्लास रियूजेबल रॉकेट बूस्टर को पहली बार नियंत्रित रूप से वापस लाने में कामयाबी हासिल की।
यह सफलता एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के दिसंबर 2015 में ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक वापस हासिल करने वाली पहली कंपनी बनने के एक दशक से भी अधिक समय बाद मिली है।
शुक्रवार का यह मिशन चीन के लिए कैरियर रॉकेट के पहले चरण को सफलतापूर्वक वापस हासिल करने का पहला मौका था। इस मिशन में रॉकेट बूस्टर द्वारा पेलोड पहुंचाने के बाद उसे दोबारा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना शामिल है।
चीन ने हासिल की बड़ी सफलता
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर में दो और चीनी रियूजेबल रॉकेट ने ग्रिड फिन और लैंडिंग लेग्स का इस्तेमाल करके स्पेसएक्स की तरह वर्टिकल लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन दोनों नाकाम रहीं।
लॉन्ग मार्च-10बी कैरियर रॉकेट को दक्षिण चीन के हैनान प्रांत से लॉन्च किया गया और उसने अपने पेलोड को तय कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया।
रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज के अलग होने के बाद, पहले स्टेज का बूस्टर वापस लौटा और उसे समुद्र में बने एक प्लेटफॉर्म पर नेट-कैप्चर सिस्टम का इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि लांच और पहले स्टेज के बूस्टर की रिकवरी, दोनों ही काम सफलतापूर्वक पूरे हो गए।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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