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    पाकिस्तान, बांग्लादेश और अब म्यांमार... भारत के बॉर्डर स्टेट के पास नया कॉरिडोर बनाने की तैयारी में चीन

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 08:11 PM (IST)

    चीन ने कनेक्टिविटी का अपना दस साल पुराना काम फिर से शुरू किया है, लेकिन इस बार भारत को इससे पूरी तरह बाहर रखा है। ...और पढ़ें

    चीन-म्यांमार-बांग्लादेश इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चल रही चर्चा (फोटो-रॉयटर्स)

    चीन-म्यांमार-बांग्लादेश इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चल रही चर्चा (फोटो-रॉयटर्स)

    HighLights

    1. चीन ने म्यांमार के साथ नया कॉरिडोर शुरू किया।

    2. म्यांमार के मांडले से क्यौकफ्यू बंदरगाह तक जाएगा।

    3. चीन का लक्ष्य बंगाल की खाड़ी में सीधी पहुंच बनाना है।

    डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन ने कनेक्टिविटी के अपने दस साल पुराने काम को फिर से शुरू कर दिया है, लेकिन इस बार उसने भारत को इससे पूरी तरह बाहर रखा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बाद अब चीन म्यांमार के साथ नया कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है।

    चीन-म्यांमार-बांग्लादेश इकोनॉमिक कॉरिडोर (CMBC) से बीजिंग को बंगाल की खाड़ी तक एक नया रास्ता मिल सकता है। लेकिन यह रास्ता दुनिया के सबसे सक्रिय युद्ध क्षेत्रों में से एक से होकर गुजरता है।

    चीन-म्यांमार-बांग्लादेश कॉरिडोर पर चल रहा काम

    बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने गुरुवार को कहा, 'हमने लगभग 15 साल पहले बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार इकोनॉमिक कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा था और कुछ प्रगति भी की थी। लेकिन कई कारणों से, हमें वे नतीजे नहीं मिले जिनकी चीन को उम्मीद थी।'

    इस बात पर बांग्लादेश में चीन के राजदूत से पूछा गया कि क्या भारत इस कॉरिडोर में शामिल हो सकता है, तो उन्होंने कहा, 'यह दूसरे देशों के लिए भी खुला है, अगर वे इसमें शामिल होना चाहें।'

    राजदूत ने कहा कि इस कॉरिडोर का एकमात्र मकसद कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग है।

    प्रस्तावित कॉरिडोर चीन के युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग से शुरू होकर म्यांमार के मांडले तक जाएगा। वहां से यह दो हिस्सों में बंट जाएगा, एक शाखा यांगून जाएगी और दूसरी रखाइन राज्य में स्थित क्यौकफ्यू (Kyaukphyu) गहरे समुद्र वाले बंदरगाह तक जाएगी।

    चीन इसे रखाइन के रास्ते बांग्लादेश तक और आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि यह चट्टोग्राम और कॉक्स बाजार से जुड़ सके। इससे बीजिंग को बंगाल की खाड़ी में चट्टोग्राम और मोंगला बंदरगाहों तक सीधी सड़क मिल जाएगी।

    चिनफिंग और तारिक रहमान के बीच हुई कॉरिडोर पर बात

    चीन-म्यांमार-बांग्लादेश इकोनॉमिक कॉरिडोर का मुद्दा बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की बीजिंग की चार दिन की यात्रा के दौरान उठा, जो 22 जून को शुरू हुई थी।

    चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात के दौरान, दोनों पक्षों ने बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

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