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    तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन ने शुरू किया दुनिया के सबसे बड़े बांध का निर्माण, क्या भारत के लिए बनेगा मुसीबत?

    Updated: Sat, 19 Jul 2025 06:51 PM (IST)

    चीन ने दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाना शुरू कर दिया है। इस परियोजना को दिसंबर में मंजूरी मिली थी और शिलान्यास समारोह में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग भी शामिल हुए थे। इस बांध से तिब्बत में बिजली की जरूरतों को पूरा करने और कार्बन तटस्थता लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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    शिलान्यास समारोह में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग शामिल हुए (फोटो: रॉयटर्स)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन ने दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया के सबसे बड़े बांध का निर्माण शुरू कर दिया है। चीन ने दिसंबर में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। चीन के लिए यह प्रोजेक्ट कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिलान्यास समारोह में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग शामिल होने के लिए पहुंचे।

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    चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि इस बांध से हुए इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन से तिब्बत में स्थानीय बिजली की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। साथ ही अन्य क्षेत्रों में होने वाली खपत की भी पूर्ति की जाएगी। चीन ने इसे कार्बन तटस्थता लक्ष्यों और तिब्बत क्षेत्र में विकास लक्ष्यों की यात्रा में मददगार बताया है।

    दुनिया का सबसे बड़ा बांध

    ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रहा यह बांध दुनिया का सबसे बड़ा बांध होगा। इस वक्त चीन में यांग्त्जी नदी पर बना थ्री गॉर्जेस बांध दुनिया का सबसे बड़ा बांध है। ब्रह्मपुत्र पर बन रहे बांध से थ्री गॉर्जेस से भी कई गुना ज्यादा बिजली पैदा होने की उम्मीद है। लेकिन चीन का ये प्रोजेक्ट भारत के लिए चिंता का विषय है।

    करीब 167 अरब डॉलर की लागत वाले इस बांध के बनने के बाद ब्रह्मपुत्र रिवर सिस्टम के वाटर फ्लो और इकोलॉजी के प्रभावित होने की आंशका जताई जा रही है। भारत और बांग्लादेश पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। भारत ने चीन द्वारा प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बाद ही अपनी चिंता जाहिर की थी।

    हालांकि चीन ने कहा था कि ब्रह्मपुत्र पर बनने वाले बांध से निचले इलाकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस बांध में 5 जलविद्युत स्टेशन बनाए जाएंगे। अरुणाचल प्रदेश से कुछ ही दूरी पर स्थित चीन के निंगची शहर में आयोजित कार्यक्रम के बाद बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ।

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