चीनी वैज्ञानियों ने बनाई सुपरफास्ट चिप, दिमाग की तरह कर सकेगी काम
चीनी वैज्ञानिकों ने एक नई सुपरफास्ट कंप्यूटर चिप विकसित की है जो मौजूदा AI चिप्स से कई गुना तेज है। यह चिप इंसानी दिमाग की तरह डाटा स्टोर और प्रोसेस क ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। (एआई से बनाई गई)
HighLights
चीनी वैज्ञानिकों ने नई सुपरफास्ट कंप्यूटर चिप विकसित की।
यह चिप मौजूदा AI चिप्स से 478 गुना तेज है।
अल्जाइमर निदान, ब्रेन सर्जरी में बड़ा बदलाव लाएगी।
जागरण न्यूज नेटवर्क, बीजिंग। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई कंप्यूटर चिप विकसित करने का दावा किया है, जो मौजूदा हाई-एंड एआइ चिप्स की तुलना में कई गुना तेज काम कर सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह चिप अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के ए100 जीपीयू से कुछ परीक्षणों में 50 से 478 गुना तक अधिक तेज साबित हुई है।
यदि यह तकनीक व्यावहारिक रूप से सफल रहती है, तो अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों की पहचान, ब्रेन सर्जरी और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आ सकता है।
400 नैनोमीटर की मेमोरी चीप
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट के अनुसार, पेकिंग यूनिवर्सिटी और चीनी विज्ञान अकादमी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन प्रतिष्ठित पत्रिका 'साइंस' में प्रकाशित किया है। वैज्ञानिकों ने 40 नैनोमीटर की एक ऐसी मेमोरी चिप तैयार की है, जो इंसानी मस्तिष्क की तरह डाटा को स्टोर और प्रोसेस दोनों एक साथ कर सकती है।
आमतौर पर कंप्यूटर में डाटा पहले मेमोरी में रहता है और फिर प्रोसेसर तक पहुंचता है। इस प्रक्रिया में समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते हैं। नई चिप में यह दोनों काम एक ही जगह होने से डाटा को बार-बार इधर-उधर नहीं भेजना पड़ता, जिससे उसकी गति काफी बढ़ जाती है और बिजली की खपत भी कम होती है।
आधे संकेड से कम समय में कर सकेगी ये काम
शोध दल के प्रमुख यांग युचाओ के अनुसार, यह चिप आधे सेकंड से भी कम समय में मस्तिष्क की जटिल संरचना का डिजिटल मॉडल तैयार कर सकती है। इससे भविष्य में डाक्टर ब्रेन सर्जरी के दौरान अधिक सटीक निर्णय ले सकेंगे, अल्जाइमर जैसी बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा और मरीज के मस्तिष्क का डिजिटल ट्विन यानी डिजिटल प्रतिरूप तैयार करना भी संभव हो सकता है।
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इस अध्ययन की समीक्षा करने वाले जर्मनी के जूलिच रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने भी इस तकनीक को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, यह तकनीक भविष्य में मेडिकल इमेजिंग, रोबोटिक्स और रियल-टाइम एआइ सिस्टम के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।