Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चीन की अमेरिका को दोटूक: 'तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थन बंद करे वाशिंगटन'

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 02:00 AM (IST)

    चीन ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह तिब्बत को चीन के हिस्से के रूप में मान्यता देने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे। अमेरिका तिब्बत की स्वतंत्रता क ...और पढ़ें

    चीन बोला तिब्बत से संबंधित मामले चीन का आंतरिक मसला हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    चीन बोला तिब्बत से संबंधित मामले चीन का आंतरिक मसला हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. चीन बोला तिब्बत से संबंधित मामले चीन का आंतरिक मसला हैं

    2. दलाई लामा 1959 से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित रूप से रह रहे हैं

    पीटीआई, बीजिंग। चीन ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह तिब्बत को चीन के हिस्से के रूप में मान्यता देने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे। अमेरिका तिब्बत की स्वतंत्रता की भावना का हर्गिज समर्थन न करे।

    चीन की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद आई है जिसमें तिब्बतियों की अपनी संस्कृति को संरक्षित रखने की इच्छा का समर्थन किया गया है। बयान में कहा गया है कि चीन को इस सिलसिले में दलाई लामा से बात करनी चाहिए।

    दलाई लामा 1959 से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित रूप से रह रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि तिब्बत से संबंधित मामले चीन का आंतरिक मसला हैं। इसलिए उसमें किसी अन्य देश को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।

    विदित हो कि चीन ने तिब्बत का नाम बदलकर शीजांग कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा, हम अमेरिका से अनुरोध करते हैं कि वह पूर्व में जताई गई अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करे जिसमें शीजांग को चीन का हिस्सा बताया गया है, वह तिब्बत की स्वतंत्रता का हर्गिज समर्थन न करे।