Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइल DF-17 का वीडियो जारी कर दिखाई ताकत, सीधे अमेरिका को दी बड़ी चुनौती

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 04:09 AM (IST)

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने पहली बार डोंगफेंग-17 हाइपरसोनिक मिसाइल के लॉन्च का फुटेज प्रसारित किया है। ...और पढ़ें

    चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइल DF-17(फोटो: सोशल मीडिया)

    चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइल DF-17(फोटो: सोशल मीडिया)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने पहली बार डोंगफेंग-17 हाइपरसोनिक मिसाइल के लॉन्च का फुटेज प्रसारित किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से रणनीतिक रूप से अहम फर्स्ट आइलैंड चेन पर बीजिंग की निवारक क्षमता और मजबूत हुई है।

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को एक सैन्य समाचार कार्यक्रम में प्रसारित इस फुटेज में सड़क से मार करने वाले रोड-मोबाइल DF-17 लॉन्चर की तैनाती और उसके बाद इसके वर्टिकल लॉन्च को दिखाया गया। इसके साथ ही, गोबी रेगिस्तान में रॉकेट फोर्स के ट्रेनिंग एरिया में कई सेनाओं के मल्टी-सर्विस ड्रिल के दृश्य भी दिखाए गए।

    क्या है DF-17 मिसाइल?

    पहली बार साल 2019 में बीजिंग की सैन्य परेड में प्रदर्शित की गई DF-17 मिसाइल को हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (HGV) को मैक 5 से अधिक की गति से ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इतनी तेज गति के कारण इस मिसाइल को हवा में इंटरसेप्ट करना दुश्मन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    इसकी अनुमानित मारक क्षमता 1,800 किमी से 2,500 किमी के बीच है। यह मिसाइल फर्स्ट आइलैंड चेन और सेकंड आइलैंड चेन के कुछ हिस्सों तक अपने लक्ष्यों को आसानी से भेद सकती है।

    यह भौगोलिक क्षेत्र चीन की समुद्री पहुंच को नियंत्रित करने की अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीतियों के लिहाज से काफी अहम है। इसलिए, ऐसी कोई भी सैन्य क्षमता जो मिसाइल को रोकने, ट्रैक करने या नष्ट करने को मुश्किल बनाती है, वह भू-राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।

    खबरें और भी

    रॉकेट फोर्स की तैयारियों का प्रदर्शन

    CCTV ने इस लॉन्च फुटेज के साथ-साथ रॉकेट फोर्स की युद्धक तैयारियों पर भी जोर दिया। प्रसारक ने कहा कि गंभीर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप और सटीक जवाबी हमलों के लिए प्रशिक्षण ले रही इकाइयों ने उच्च-तीव्रता वाले बहु-सेवा प्रशिक्षण को अब अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।

    इस क्लिप में अन्य लंबी दूरी की प्रणालियों को भी दिखाया गया, विशेष रूप से इंटरमीडिएट-रेंज DF-26 मिसाइल को जिसे गुआम किलर भी कहा जाता है। हालांकि, CCTV ने DF-26 का लॉन्च वीडियो में नहीं दिखाया।

    गौरतलब है कि यह फुटेज 1 जुलाई को सेकंड आर्टिलरी फोर्स की 60वीं वर्षगांठ से ठीक पहले जारी किया गया है, जो आज की PLA रॉकेट फोर्स की पूर्ववर्ती इकाई थी।

    क्या यह अमेरिका और पड़ोसियों के लिए कोई संदेश है?

    PLA एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंस के शोधकर्ता और रिटायर्ड सीनियर कर्नल डू वेनलोंग ने CCTV को बताया कि ये तस्वीरें दर्शाती हैं कि यह फोर्स मुश्किल इलाकों और कई तरह की बाधाओं के बावजूद प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।

    उन्नत हाइपरसोनिक लॉन्च का यह प्रसारण ताकत के एक सधे हुए प्रदर्शन के तौर पर किया गया है। इसका मकसद क्षेत्रीय पड़ोसियों और अमेरिका को स्पष्ट संदेश देना है, जो दुनिया भर में हाइपरसोनिक विकास पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। यह बीजिंग के इस दावे को और मजबूत करता है कि उसकी बढ़ती मिसाइल ताकत रक्षात्मक, आधुनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग है।

    PLA के पूर्व प्रशिक्षक सोंग झोंगपिंग ने बताया कि फुटेज से संकेत मिलता है कि ये सिस्टम काफी समय से ऑपरेशनल हैं और मिसाइल के प्रदर्शन तथा विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे सैन्य अभ्यास जरूरी हैं।

    यह भी पढ़ें- चीन पर निर्भरता कम करने के लिए रेअर अर्थ कॉरिडोर पर काम शुरू

    यह भी पढ़ें- दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे चीन के विदेश मंत्री, डोभाल-वांग यी के बीच सीमा विवाद पर होगी बात