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    राजदूत का पद संभालते दोरैस्वामी अचानक क्यों पहुंच गये तिब्बत? चीन भी हैरान

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 08:11 PM (IST)

    भारतीय राजदूत विक्रम दोरैस्वामी कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए तिब्बत पहुंचे हैं। यह उनका मई में पदभार संभालने के बाद पहला तिब् ...और पढ़ें

    चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी यांग वानमिंग के साथ बैठक करते हुए

    चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी यांग वानमिंग के साथ बैठक करते हुए

    HighLights

    1. राजदूत दोरैस्वामी कैलाश मानसरोवर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु तिब्बत पहुंचे।

    2. मई में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला तिब्बत दौरा।

    3. यात्रा 2020 में निलंबित होकर पिछले वर्ष जून में फिर से शुरू हुई।

    डिजिटल डेस्क, बीजिंग। भारतीय राजदूत विक्रम दोरैस्वामी तिब्बत में स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत करने और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की संयुक्त समीक्षा करने के लिए पहुंचे हैं। यह उनका मई में पदभार ग्रहण करने के बाद तिब्बत का पहला दौरा है।

    राजदूत दोरैस्वामी और दूतावास के सहयोगी गुरुवार को ल्हासा पहुंचे, जहां उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए स्थानीय सरकारी अधिकारियों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दूतावास के एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट के अनुसार, तीर्थयात्री इस महीने के अंत में पहुंचने वाले हैं।

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    चीनी विदेश मंत्रालय से बातचीत जारी 

    राजदूत ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के उपाध्यक्ष झाओ पेंग से मुलाकात की, जिन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं और तैयारियों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने झाओ पेंग द्वारा आयोजित एक रात्रिभोज में भी भाग लिया।

    पिछले महीने की शुरुआत में राजदूत का पदभार संभालने वाले दोरैस्वामी ने द्विपक्षीय मुद्दों पर वरिष्ठ चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

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    कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ 

    विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित की जाने वाली यह यात्रा प्रारंभ में 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित कर दिया गया था और इसके बाद पूर्वी लद्दाख में 'वास्तविक नियंत्रण रेखा' (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण भी रोका गया।

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    यह पिछले वर्ष जून में फिर से शुरू हुई, जब भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला समूह पांच साल के अंतराल के बाद तिब्बत के मानसरोवर झील पर पहुंचा।

    कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पुनरुद्धार के बाद लिया गया पहला कदम था, जो 2024 में रूस के कजान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बैठक के बाद हुआ।

    (न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)