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    चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा, भ्रष्टाचार के मामले में सख्त फैसला

    Updated: Fri, 08 May 2026 12:07 AM (IST)

    चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग और सैन्य अनुशासन निरीक्षण आयोग की जांच में दोनों पूर्व मंत्रियों पर अरबों युआन की घूस लेने और देने, सै ...और पढ़ें

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    चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के लिए मौत की सजा (फोटो- सोशल मीडिया)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन की सैन्य अदालत ने पूर्व रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगहे और उनके उत्तराधिकारी जनरल ली शांगफू को भ्रष्टाचार, घूसखोरी और सैन्य उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में मौत की सजा सुना दी है। अदालत ने दोनों को दो साल की निलंबित राहत के साथ यह सजा दी है।

    मामला क्या है?
    चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग और सैन्य अनुशासन निरीक्षण आयोग की जांच में दोनों पूर्व मंत्रियों पर अरबों युआन की घूस लेने और देने, सैन्य ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितताओं के आरोप साबित हुए।

    • वेई फेंगहे (2018-2023 तक रक्षा मंत्री) पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में रॉकेट फोर्स और उपकरण विकास विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।
    • ली शांगफू (2023 में रक्षा मंत्री बने) को 2024 में ही बिना किसी सार्वजनिक कारण के पद से हटा दिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद सैन्य उद्योग से जुड़े कई उच्च अधिकारी भी गिरफ्तार हो चुके हैं।

    दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सैन्य ठेकेदारों से भारी रिश्वत ली और बदले में अनुपयुक्त हथियारों व उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी, जिससे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की लड़ाकू क्षमता प्रभावित हुई।

    सरकारी मीडिया के मुताबिक, वेई फेंगहे और ली शांगफू दोनों को रिश्वतखोरी का दोषी पाया गया और देश की सैन्य अदालत ने उन्हें दो साल की मोहलत के साथ मौत की सजा सुनाई। अदालत ने घोषणा की कि दोनों पूर्व जनरलों की सजा को दो साल बाद पैरोल की संभावना के बिना आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा।

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    72 वर्षीय वेई ने 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। 68 वर्षीय ली ने वेई का स्थान लिया और 2023 में आठ महीने से भी कम समय के लिए इस पद पर रहे। दोनों व्यक्तियों के खिलाफ 2023 में सेना की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा द्वारा जांच शुरू की गई थी।