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    'होर्मुज स्ट्रेट जल्द खोला जाए', चीन से लौट रहे ईरानी तेल टैंकर के जब्त होने पर बोले राष्ट्रपति शी चिनफिंग

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 11:58 PM (IST)

    चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सभी देशों के जहाजों के लिए ...और पढ़ें

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    राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने होर्मुज खोलने की रखी मांग (फोटो-रॉयटर्स)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट मामले पर पहली बार बयान दिया। शी चिनफिंग ने कहा, इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को अविलंब खोला जाए।

    चिनफिंग ने होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताया और कहा कि यह सभी देशों के जहाजों के लिए सामान्य जलमार्ग है, इसके जरिये मालवाही पोतों और अन्य जहाजों का बेरोकटोक आवागमन होना चाहिए।

    विदित हो कि ओमान की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाले होर्मुज स्ट्रेट से अन्य देशों के जहाजों के गुजरने पर ईरान ने रोक लगा रखी है जबकि इसके आगे अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों से जहाजों का आवागमन रोकने के लिए घेराबंदी कर रखी है।

    अमेरिका ने कब्जे में लिया ईरानी जहाज

    होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी नौसेना ने चीन से लौट रहे ईरानी तेल टैंकर को ईरानी जलसीमा से पहले रोककर उसे कब्जे में ले लिया है। ईरान बलों ने जवाब में अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है।

    इससे पहले ईरान के आइआरजीसी बल ने भारतीय तेल-गैस टैंकरों को आगे बढ़ने से रोक दिया था और एक जहाज पर फायरिंग भी की थी। राष्ट्रपति चिनफिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर वार्ता में कहा, होर्मुज स्ट्रेट जहाजों के सामान्य आवागमन के लिए खुलना चाहिए। यह क्षेत्रीय देशों और विश्व समुदाय के हित में है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप है।

    चिनफिंग ने कहा, चीन क्षेत्र में अविलंब युद्धविराम चाहता है। इसके बाद बातचीत के जरिए शांति और स्थिरता के माहौल में सभी मतभेद सुलझाए जाएं।

    चीन ने चिनफिंग की सऊदी क्राउन प्रिंस से हुई वार्ता का आधिकारिक बयान जारी किया है। वैश्विक कारोबार के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थ होर्मुज स्ट्रेट होकर विभिन्न देशों में जाते हैं।

    कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से भारत, चीन और कई अन्य देशों को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वैसे अमेरिकी प्रतिबंध के बाद से ईरान के 90 प्रतिशत तेल का आयात केवल चीन कर रहा था। विदित हो कि सऊदी अरब, यूएई, इराक और अन्य क्षेत्रीय देशों का तेल भी होर्मुज स्ट्रेट से होता हुआ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचता है।

    इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने चीन से ईरान जा रहे मालवाही जहाज पर अमेरिकी नौसेना द्वारा फायरिंग किए जाने और उसे जब्त किए जाने पर चिंता जताई।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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