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    भारत ही नहीं, जापान की आंखों का भी कांटा है ट्रंप! पीएम मोदी और इशीबा ने मिलकर निकाला ट्रंप टैरिफ का तोड़

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 11:02 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय जापान यात्रा पर टोक्यो पहुंचे। उन्होंने पीएम इशीबा के साथ भारत-जापान आर्थिक फोरम को संबोधित किया। जापान ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को टाला जिससे अमेरिका को झटका लगा। दोनों देशों ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। अगले दस वर्षों के आर्थिक सहयोग का विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया।

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    भारत-जापान ने मिलकर निकाला ट्रंप टैरिफ की काट।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान यात्रा पर शुक्रवार को सुबह टोक्यो पहुंचे। कुछ ही घंटों बाद उन्होंने पीएम इशीबा के साथ भारत-जापान आर्थिक फोरम को संबोधित किया जिसमें जापान के उद्योग जगत के सारे शीर्ष प्रतिनिधि के अलावा पीएम इशीबा का पूरा कैबिनेट मौजूद था।

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    खास बात यह है कि पीएम मोदी के दौरे से पहले जापान ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को टाल दिया। जापान के व्यापार वार्ताकार ने आखिरी समय में अमेरिकी दौरे को रद कर दिया। इस कदम से अमेरिका को झटका लग सकता है। यह सभी काम ऐसे वक्त में हो रहे हैं जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ थोप दिया है।

    दोनों देशों ने अमेरिका को दिया कड़ा संदेश

    भारतीय अधिकारियों ने बताया सम्मेलन का माहौल कुछ अलग था। यह भी बताते चलें कि राष्ट्रपति ट्रंप की शुल्क नीति से जापान भी परेशान है। एक दिन पहले जापान का एक दल कारोबारी समझौते पर वार्ता के लिए अमेरिका जाने वाला था लेकिन वह स्थगित हो गई। जबकि पीएम मोदी के स्वागत के लिए पूरा जापानी उद्योग जगत उपस्थित था।

    शिखर सम्मेलन के बाद आपसी सहयोग के जितने प्रपत्र जारी किये गये हैं वह बताता है कि दोनों तरफ की सरकारों की तरफ से की जाने वाली कोशिशों को बताता है। साझा बयान के अलावा मानव संसाधन आदान-प्रदान के क्षेत्र में कार्ययोजना, अगले दस वर्षों के आर्थिक सहयोग का विजन डॉक्यूमेंट, सुरक्षा सहयोग पर साझा बयान और विज्ञान व तकनीक क्षेत्र में सहयोग को लेकर साझा बयान अलग से जारी किये गये।

    क्या है दोनों देशों की रणनीति

    अधिकारियों ने बताया कि जापान ने शायद ही पहले किसी दूसरे देश के साथ शीर्षस्तरीय बैठक में एक साथ इतने सारे साझा सहयोग प्रपत्र जारी नहीं किये हैं। दोनों देशों ने बताया है कि अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक व्यक्तियों, जिसमें 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों का जापान में आदान-प्रदान होगा। इसके लिए भारत में जापानी भाषा व जापानी उद्योग के लिए जरूरी कार्यकुशल पेशेवर भारत में तैयार करने के लिए अभियान शुरू हो रहा है।

    जापान में आईटी सेक्टर में प्रशिक्षित भारतीय पेशेवरों को खास महत्व दिया जाएगा। जापान के आईटी सेक्टर में श्रम की किल्लत है। साथ ही जापान के विश्वविद्यालयों में भारत से ज्यादा छात्रों को आकर्षित करने के लिए सहयोग स्थापित होगा। विज्ञान के भारतीय छात्रों व छात्राओं को जापान खास तौर पर प्रोत्साहित करेगा।

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